बिलासपुर। महादेव ऐप मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए विशाखापत्तनम की एक कंपनी का बैंक खाता तत्काल अनफ्रीज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने फॉरेंसिक रिपोर्ट और साइबर जांच में सट्टा खेलने या खिलवाने से जुड़े सबूत नहीं मिलने के आधार पर यह निर्णय लिया।
जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने खमतराई पुलिस और निचली अदालत की ओर से जारी बैंक खाता फ्रीज रखने संबंधी आदेशों को निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट ने खाते को तत्काल अनफ्रीज करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, विशाखापत्तनम निवासी शाहिब खान और उनकी पत्नी सहर खान ने बैंक खाता फ्रीज किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में खाते को अनफ्रीज करने की मांग की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और साइबर जांच में याचिकाकर्ताओं के सट्टा खेलने या खिलवाने से संबंधित कोई सबूत नहीं मिला। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने पूर्व में जारी आदेशों को निरस्त करते हुए बैंक खाता अनफ्रीज करने का निर्देश दिया।
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