बिलासपुर : – छत्तीसगढ़ में योजनाबद्ध तरीके से मतांतरण/धर्मान्तरण का खेल चल रहा है। केंद्र सरकार संज्ञान में लेकर रोक लगाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करे।
उक्ताशय की मांग सांसद अरुण साव ने लोकसभा में उठाई। सांसद अरुण साव ने लोकसभा में नियम 377 के तहत राज्य में हो रहे मतांतरण/धर्मान्तरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने लोकसभा में कहा कि छत्तीसगढ़ अत्यंत भोले- भाले, सहज, सरल लोगों का प्रदेश है। जिसे अलग राज्य का दर्जा 01/11/2000 को प्राप्त हुआ है। यह प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। राज्य के बस्तर और सरगुजा संभाग में आदिवासी समुदाय के लोग बहुतायत में रहते हैं। छत्तीसगढ़ के भोले-भाले सहज, सरल लोगों को प्रलोभन आदि के माध्यम से मतांतरित /धर्मान्तरित करने का योजनाबद्ध अभियान चलाया जा रहा है। सांसद साव ने केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ राज्य में तेजी से हो रहे मतांतरण/धर्मान्तरण की गतिविधियों को संज्ञान में लेकर इस पर रोक लगाने की मांग की ।
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