
वैक्सीन की क़िल्लत की ख़बरों के बीच अगर ऐसी खब़र आ जाए जिसमें सिंगल डोज़ से काम चलने की बात हो, तो ज़ाहिर है सब बड़े ध्यान से और दिलचस्पी से उस पढ़ेंगे. ऐसी ही एक ख़बर उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से आई है.
उत्तर प्रदेश के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसरों ने शोध में पाया है कि कोरोना संक्रमण से ठीक हुए लोगों में वैक्सीन की एक डोज़ ही पर्याप्त है.

अपने शोध के नतीजों के बारे में बीएचयू के प्रोफ़ेसरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा है. उन्होंने अपने शोध के नतीजों के आधार पर सुझाव दिया है कि जो लोग कोरोना संक्रमण से ठीक हो गए हैं उन्हें वैक्सीन की एक ही डोज़ लगाई जाए.
उनका तर्क है कि ऐसा करने से 2 करोड़ वैक्सीन की डोज़ बचाई जा सकती है. ग़ौरतलब है कि भारत में कोरोना संक्रमण से ठीक होने वालों की संख्या 2 करोड़ से ज़्यादा है. भारत में वैक्सीन की क़िल्लत की ख़बरों के बीच इस ख़बर ने काफ़ी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

क्सीन की क़िल्लत की ख़बरों के बीच अगर ऐसी खब़र आ जाए जिसमें सिंगल डोज़ से काम चलने की बात हो, तो ज़ाहिर है सब बड़े ध्यान से और दिलचस्पी से उस पढ़ेंगे. ऐसी ही एक ख़बर उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से आई है.
उत्तर प्रदेश के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसरों ने शोध में पाया है कि कोरोना संक्रमण से ठीक हुए लोगों में वैक्सीन की एक डोज़ ही पर्याप्त है.

अपने शोध के नतीजों के बारे में बीएचयू के प्रोफ़ेसरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा है. उन्होंने अपने शोध के नतीजों के आधार पर सुझाव दिया है कि जो लोग कोरोना संक्रमण से ठीक हो गए हैं उन्हें वैक्सीन की एक ही डोज़ लगाई जाए.

उनका तर्क है कि ऐसा करने से 2 करोड़ वैक्सीन की डोज़ बचाई जा सकती है. ग़ौरतलब है कि भारत में कोरोना संक्रमण से ठीक होने वालों की संख्या 2 करोड़ से ज़्यादा है. भारत में वैक्सीन की क़िल्लत की ख़बरों के बीच इस ख़बर ने काफ़ी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
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