बिलासपुर
बनावटी तालाब बनाकर निभाई छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पूजा-पद्धति, संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश
सरकंडा। अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति द्वारा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक एवं लोक आस्था से जुड़े पर्व खमरछठ का आयोजन सरकंडा में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। समिति की अध्यक्ष चित्रा तिवारी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर परिवार एवं बच्चों के सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की।
खमरछठ पर्व की परंपरा को जीवंत रखने के उद्देश्य से समिति द्वारा विशेष रूप से बनावटी तालाब का निर्माण किया गया। तालाब के समीप पारंपरिक पूजा की व्यवस्था की गई और विधि-विधान के साथ पर्व की रस्में पूरी की गईं। इस दौरान महिलाओं ने व्रत रखकर पूजा-अर्चना की तथा छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।
समिति की अध्यक्ष चित्रा तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिकता के बढ़ते प्रभाव के बीच अपनी पारंपरिक संस्कृति और लोकपर्वों को सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है। खमरछठ जैसे पर्व हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, संस्कारों और लोक संस्कृति से जोड़ने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में श्रीमती उर्मिला शर्मा, विनय शर्मा, सुलेखा तिवारी, डॉ. दीप्ति पांडेय, प्रतिभा पांडेय, शकुन शर्मा, साक्षी पांडेय एवं दुर्गा द्विवेदी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक आयोजन में सहभागिता निभाई और पारंपरिक पर्व को श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया।
कार्यक्रम के माध्यम से समिति ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक मान्यताओं एवं संस्कारों को संरक्षित करने तथा आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की जानकारी प्रदेश मीडिया प्रभारी कान्हा तिवारी ने दिया
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