विधायक अजय चंद्राकर का 15 अगस्त पर ‘बीजेपी झंडा’ फहराने का फेक वीडियो वायरल, जानिए पूरी सच्चाई

विधायक अजय चंद्राकर का 15 अगस्त पर ‘बीजेपी झंडा’ फहराने का फेक वीडियो वायरल, जानिए पूरी सच्चाई

धमतरी:

स्वतंत्रता दिवस के दिन सोशल मीडिया पर पूर्व मंत्री एवं कुरुद विधायक अजय चंद्राकर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसमें उन्हें राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की जगह बीजेपी का झंडा फहराते हुए दिखाया जा रहा था। इस वीडियो को 15 अगस्त 2026 के ध्वजारोहण से जोड़कर प्रसारित किया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं और कई यूजर्स ने इसे तिरंगे का अपमान बताया।

26 मार्चभाजपा का प्रशिक्षण वर्ग  के वीडियो को वायरल किया गया

वास्तविकता यह है

वायरल वीडियो 15 अगस्त का नहीं, बल्कि पुराना है। अजय चंद्राकर ने खुद सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि यह वीडियो 26 मार्च 2026 को आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग (वर्कशॉप) का है। भाजपा छत्तीसगढ़ इकाई ने भी कहा कि इसे स्वतंत्रता दिवस का बताकर फैलाया जा रहा है, जो फर्जी खबर है और जनता को गुमराह करने का प्रयास।

### वास्तविक कार्यक्रम में क्या हुआ
15 अगस्त को धमतरी के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में विधायक अजय चंद्राकर ने मुख्य अतिथि के रूप में तिरंगा फहराया। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, मार्च पास्ट की सलामी ली और स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया। अपने आधिकारिक पोस्ट में उन्होंने तिरंगे को भारत की आन-बान-शान बताते हुए कार्यक्रम की तस्वीरें साझा कीं। वायरल वीडियो में वे नीली कोटी में दिख रहे हैं, जबकि 15 अगस्त के कार्यक्रम की तस्वीरों में मैरून कोटी पहने नजर आ रहे हैं। इससे भी साफ है कि दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं।

### बदनामी की कोशिश का आरोप
अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस नेताओं के चमचों ने पुराना वीडियो गलत संदर्भ में डालकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा कि जल्दबाजी में ऐसे काम करने वालों को 100 साल तक सत्ता की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

### समर्थकों ने की शिकायत
इस फेक वीडियो के वायरल होने के खिलाफ अजय चंद्राकर के समर्थकों ने सिटी कोतवाली धमतरी में आवेदन दिया है। आवेदन में फर्जी वीडियो फैलाकर बदनामी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स और आधिकारिक पोस्ट्स के अनुसार दावा पूरी तरह भ्रामक है। पुराने वीडियो को नए संदर्भ में पेश करके राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश को कई तरफ से फर्जी खबर बताया जा रहा है। पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।

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abhijeet pandey
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