गणेश चतुर्थी से पहले ‘गणेश’ स्वरूप हाथी की बची जान, गर्दन में फंसा था ट्रैक्टर का टायर
असम में स्थानीय लोगों की सजगता और वन विभाग की तत्परता से हाथी को मिली नई जिंदगी
गोलाघाट, असम:
गणेश चतुर्थी से पहले असम में इंसानियत और वन्यजीव प्रेम की मिसाल सामने आई। यहां एक जंगली हाथी की गर्दन में ट्रैक्टर का पुराना टायर फंस गया था। टायर के कारण हाथी बेहद परेशान था और उसके लिए खाना-पानी पीना तक मुश्किल हो गया था। गणेश चतुर्थी से पहले असम के गोलाघाट जिले के मोरोंगी इलाके में इंसानियत की मिसाल देखने को मिली।
हाथी की हालत देखकर स्थानीय लोगों ने तत्काल Forest Department को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और रात में ही मौके पर पहुंचकर हाथी के रेस्क्यू का अभियान शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने हाथी की गर्दन में फंसे टायर को सुरक्षित तरीके से निकाल दिया। टायर निकलने के बाद हाथी को राहत मिली और उसे जंगल की ओर आजाद कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि यदि समय रहते हाथी की मदद नहीं की जाती तो गर्दन में फंसा टायर उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता था। टायर के कारण वह सामान्य रूप से भोजन और पानी नहीं ले पा रहा था।
गणेश चतुर्थी से ठीक पहले सामने आई इस घटना ने लोगों का ध्यान वन्यजीवों के प्रति जिम्मेदारी की ओर खींचा है। स्थानीय लोगों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक बेजुबान वन्यजीव की जान बच गई।
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