डीजीपी गौतम संभालेंगे रतनपुर थाना,125 पुलिस अधिकारी संभालेंगे थाने

डीजीपी गौतम संभालेंगे रतनपुर थाना,125 पुलिस अधिकारी संभालेंगे थाने

रायपुर, 12 अगस्त ( छत्तीसगढ़ रखवार)।
छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए वरिष्ठ आईपीएस एवं राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल के तहत 125 से अधिक पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न थानों को गोद लिया है। अधिकारियों को अपने-अपने थानों की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करने के साथ स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।

इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य बीट पुलिसिंग को मजबूत करना और पुलिस तथा आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद बढ़ाना है। संबंधित अधिकारी अपने जिम्मेदारी वाले थानों में अपराध की स्थिति, लंबित प्रकरणों, पुलिस रिकॉर्ड, शिकायतों के निराकरण तथा अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।

बताया गया है कि नवा रायपुर में आयोजित 60वीं अखिल भारतीय डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को एक-एक थाना गोद लेकर वहां की पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने का सुझाव दिया था। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस ने यह व्यवस्था लागू की है।

इस पहल के तहत डीजीपी अरुण देव गौतम ने बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना को गोद लिया है। वहीं एसआरपी कल्लूरी को बस्तर कोतवाली, प्रदीप गुप्ता को महासमुंद के तुमगांव, विवेकानंद को कांकेर के चरामा और दीपांशु काबरा को अंबिकापुर कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह अमित कुमार को राजनांदगांव के लालबाग, डॉ. आनंद छाबड़ा को रायगढ़ के घरघोड़ा, ओपी पाल को बिलाईगढ़, अजय यादव को मुंगेली के पथरिया और डॉ. संजीव शुक्ला को रायपुर के टिकरापारा थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा अमरेश मिश्रा को बलौदाबाजार के हथबंध, बीएन मीणा को बालोद के गुंडरदेही, एमएल कोतवानी को दुर्ग के अमलेश्वर तथा आजाद शत्रु को महासमुंद कोतवाली थाना सौंपा गया है।

अधिकारियों की निगरानी में संबंधित थानों में बीट एवं सामुदायिक पुलिसिंग को सक्रिय करने के साथ अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, नागरिकों की शिकायतों का समय पर निराकरण करने तथा पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही मालखाने और अभिलेखों के रखरखाव, लंबित मामलों के निपटारे तथा थानों की आंतरिक व्यवस्थाओं में सुधार को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

पुलिस विभाग का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी से थानों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और आम लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।

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