नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि इस प्रक्रिया से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने हलफनामे में यह भी स्पष्ट किया है कि नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हलफनामे में आयोग ने SIR की कानूनी प्रक्रिया, मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े नियमों का उल्लेख किया है।
सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने रखा SIR का पक्ष
चुनाव आयोग की ओर से 26 अक्टूबर 2026 को दाखिल जवाबी हलफनामे में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के कानूनी आधार और निर्धारित दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई है। यह हलफनामा राकेश कुमार सिंह उर्फ राकेश सिंह बनाम भारत संघ मामले में प्रतिवादी संख्या 2 से 5 की ओर से दाखिल किया गया। आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 का हवाला देते हुए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण से जुड़े अपने अधिकारों का उल्लेख किया है।
मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना जरूरी: आयोग
हलफनामे में चुनाव आयोग ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना जरूरी है। आयोग के मुताबिक, इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना और दोहरी प्रविष्टियों जैसी संभावित विसंगतियों की पहचान करना है। आयोग ने अपने जवाब के साथ SIR से संबंधित आदेशों, मतदाता पंजीकरण नियमों, फॉर्म-6, घोषणा-पत्र और पहले दिए गए न्यायिक आदेशों की प्रतियां भी संलग्न की हैं।
पात्रता पर फैसला लेने से पहले देना होगा नोटिस
आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन मतदाताओं का पिछली गहन पुनरीक्षण वाली मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाता या जिनके विवरण में विसंगतियां सामने आती हैं, उन्हें ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नोटिस देकर अपनी पात्रता स्पष्ट करने का अवसर दिया जाना चाहिए। इस प्रक्रिया के तहत संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का मौका देने पर जोर दिया गया है।
गणना चरण में दस्तावेज जुटाने को लेकर निर्देश
हलफनामे में गणना चरण के दौरान मतदाताओं से दस्तावेज एकत्र नहीं करने और नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 उपलब्ध कराने से जुड़े निर्देशों का भी उल्लेख है। आयोग ने निर्वाचन सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत बताई है। साथ ही, हलफनामे के अनुसार, निर्वाचन सूची तैयार करने से जुड़े अधिकारियों का तबादला आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए।
SIR प्रक्रिया और फॉर्म-6 पर आयोग का स्पष्टीकरण
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाबी हलफनामे के जरिए चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया को लेकर अपने कानूनी आधार और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों को स्पष्ट करने का प्रयास किया है। आयोग ने सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए जाने और फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किए जाने की बात कही है।
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