छत्तीसगढ़ रखवार/रायपुर 29/10/2022
अब तक आपने भांग का उपयोग केवल नशे के लिए सुना होगा, लेकिन आप नहीं जानते होंगे इनका उपयोग अब कपड़ा बनाने में भी होने लगा है. भांग के रेशो से बना यह कपड़ा एंटी फंगस, एंटी बैक्टीरियल होने के कारण आपको बीमारियों से दूर रखेगा. साथ ही इकोफ्रेंडली भी होगा. सबसे बड़ी बात यह भी है कि ये कपड़े सस्ते और टिकाऊ रहते है. बताया जा रहा है कि ये कपड़े भांग के बीज और छाल से बने धागे से तैयार किए जाते है. इनमें कपड़े के प्राकृतिक रंग सफेद, लाइट ग्रे और लाइट ब्राउन में डिजाइन होते है.

कपड़ा कारोबारी बताते हैं कि बाजार में आने वाले भांग के ये कपड़े 350 रुपये मीटर से लेकर 1000 रुपये मीटर तक उपलब्ध है. ये कपड़े पहनने में बहुत ही आरामदायक के साथ ही अन्य कपड़ों की तुलना में सस्ता और टिकाऊ है. उपभोक्ताओं द्वारा इसे काफी पसंद भी किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि काटन के कपड़ों से ये ज्यादा बेहतर होते है.
हालांकि अभी देश में उतना ज्यादा चलन में नहीं है, लेकिन जब चलन में आएगा तो इससे बेहतर और सस्ता कपड़ा नहीं मिलेगा. कारोबारी बताते हैं कि अभी इस सीजन में रायपुर में भांग, गांजा से बने ये कपड़े लांच हुए हैं और लोगों द्वारा काफी पसंद भी किए जा रहे हैं.
चार महीनों में तैयार हो जाता है भांग का पौधा
काटन सात महीने में उगता है, लेकिन भांग का पौधा चार महीने में बनकर तैयार हो जाता है. इसके चलते ये सस्ते होते हैं. विशेषज्ञ बताते है कि भांग से बनी चीजें इकोफ्रेंडली भी होती है, इसके कपड़े जल्दी खराब नहीं होते.
बांस के कपड़े: भांग के कपड़ों के साथ ही कपड़ा बाजार में इन दिनों बांस के कपड़े भी आने लगे है और लोगों को लुभाने लगे है. इनकी कीमत भी 250 रुपये मीटर से शुरू है. कपड़ा बाजार में इसे भी काफी पसंद किया जा रहा है.
आने लगे गर्म कपड़े: कपड़ा संस्थानों में अब ठंड को देखते हुए गर्म कपड़ों का स्टाक भी आना शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष के मुकाबले गर्म कपड़ों की कीमतों की कीमतों में पांच से सात प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है. संस्थानों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में भी गर्म कपड़ों का स्टाल लगने लगा है.
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