जांजगीर/पामगढ़/कोसला
11/07/2022(गौरव तिवारी)
बारिश के साथ अब खेती किसानी पूरे जोरो से किसान पर लेकिन खेती-किसानी के लिए किसानों को इस बार भी काफी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, खरीफ सीजन में खेती के लिए किसानों को मिलने वाले रसायनिक खाद में इस बार भी कटौती की जा रही है।
इस बार किसानों को सेवा सहकारी समितियों में डीएपी खाद की मात्रा घटाकर प्रति दो एकड़ में मात्र 1 ही बोरी (50 किलो) दिया जा रहा है, जबकि यूरिया खाद प्रति एक एकड़ में 2 बोरी (50) के हिसाब से किसानों को दिया जा रहा है।
अब एैसे में खाद की कालाबाजारी को फिर से बढ़ावा मिलेगा, बिचौलियों और दुकानदारों से किसान महंगें दामों में खरीदने पर मजबूर हो जाएंगे। जिससे किसानों की चिंता अभी से बढ़ी हुई है।
गौरतलब है कि पिछले साल भी किसानों को खाद की समस्या आई थी, पिछले साल किसानों ने यूरिया खाद की कमी के चलते 500 से 1000 रूपए तक में दुकानो से खरीदकर अपने खेतों में डाला था। इस बार डीएपी खाद का यही हाल है।
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