पर्यटन अन्य उद्योगों के विस्तार और विकास में सहायक”- प्रो. राकेश ढांढविप्र कॉलेज में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबीनार दूसरा दिन

पर्यटन अन्य उद्योगों के विस्तार और विकास में सहायक”- प्रो. राकेश ढांढ
विप्र कॉलेज में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबीनार दूसरा दिन

रायपुर/28/01/2022

छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन संचालित विप्र महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार के
दूसरे दिवस वेबीनार में चेयर पर्सन प्रोफेसर राकेश ढांढ (पूर्व प्राध्यापक वाणिज्य विभाग एवं छात्र अधिष्ठाता विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन मध्य प्रदेश) ने कहा कि पर्यटन उद्योगों के विस्तार व विकास में सहायक है। पर्यटन वर्तमान में सिर्फ आवागमन या यात्रा बस नहीं है, पर्यटन आज बहु आयामी हो गया है ।देश के अर्थव्यवस्था में इसका प्रमुख स्थान है ।2015 के बाद पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हुआ। इसे अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण कारक माना जाने लगा। परंतु महामारी के बाद परिस्थितियां अनुकूल नहीं रही। महामारी से 70 से 75% पर्यटकों की संख्या में कमी हुई ।साथ ही पर्यटन से जुड़े और उद्योग भी संकट के अवस्था में पहुंच गए। पर्यटन से जुड़े लोग बेरोजगार हो गए। वर्तमान में महामारी में कमी और शासन की नीतियों के साथ पर्यटन अर्थव्यवस्था के विकास में फिर से अग्रसर होगा ।
कीनोट स्पीकर डॉ विपिन शर्मा (फैकेल्टी एंड डायरेक्टर प्लैनिंग एंड डेवलपमेंट यूनिट इंग्लिश लैंग्वेज इंस्टीट्यूट जजान यूनिवर्सिटी सऊदी अरेबिया ) आंकड़ों के विश्लेषण के माध्यम से बताया कि महामारी के कारण पर्यटन एवं उससे जुड़े उद्योग जैसे होटल, रेस्टोरेंट ,ट्रैवल के साथ निवेशकों को भी नुकसान हुआ। वर्तमान में शासन का दायित्व है कि पर्यटन के अनुकूल नीतियां बनाकर पर्यटन उद्योग को प्रोत्साहित करे। क्योंकि किसी भी प्रकार के प्राकृतिक या मानवीय आपदा का सर्वप्रथम प्रभाव पर्यटन पर पड़ता है ।एवं इससे जुड़े उद्योग भी प्रभावित होते हैं ।अतः वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रमुख स्थान रखने वाले पर्यटन उद्योग के प्रति एक अच्छी नीति और योजना की आवश्यकता है। जो इस प्रकार के आपदा के चुनौती को अवसर में बदल सकें। दूसरे तकनीकी सत्र के गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ अशोक शर्मा (सहायक प्राध्यापक वाणिज्य विभाग शासकीय छत्तीसगढ़ महाविद्यालय रायपुर) कोरोना महामारी का अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव पर विस्तार पूर्वक व्याख्या देते हुए बताया कि पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन ,रोजगार के अवसर में भी वृद्धि होना चाहिए ।लोगों की आमदनी बढ़नीे चाहिए ।अर्थात अर्थव्यवस्था में तेजी आने पर और अनुकूल आर्थिक वातावरण से ही पर्यटन एवं इससे जुड़े उद्योग का विकास एवं विस्तार होगा। द्वितीय सत्र में 05शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इसमें ग्रीनविच लंदन से सौम्या अग्रवाल ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।
अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार के तीसरे एवं अंतिम दिवस 29 जनवरी को समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. के . एल.वर्मा (कुलपति पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर) होंगे। समारोह की अध्यक्षता ज्ञानेश शर्मा (अध्यक्ष योग आयोग छत्तीसगढ़ )होंगे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रुप में प्रोफेसर राकेश ढांढ उपस्थित रहेंगे।उपरोक्त जानकारी देते हुए प्राचार्य डॉ मेघेश तिवारी ने बताया कि
इसके पूर्व तकनीकी सत्र के चेयरपर्सन डॉ. मधुलिका अग्रवाल (डीन वाणिज्य विभाग पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर )होंगे । गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. सैयद आफताब अहमद (अतिथि सहायक प्राध्यापक अजमान विश्वविद्यालय दुबई) एवं प्रोफेसर एस के मिश्रा (विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र, वाणिज्य ,दर्शनशास्त्र विभाग विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन मध्य प्रदेश )के व्याख्यान होंगे। साथ ही प्रतिभागियों द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।

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