रायपुर
जनादेश टुडे -गीता शर्मा (वर्ल्ड रिकार्ड होल्डर )
15 वर्षों से अध्ययन और शोध विषय को अपना लक्ष्य बनाकर अनवरत भाषा की सेवा कर रहीं हैं अनुवाद पर विशेष काम रहा जिसमें ईशादि नौ उपनिषद (छत्तीसगढ़ी)शिव महापुराण (छत्तीसगढी) और पंचतंत्रका अनुवाद किया है। जिसे छत्तीसगढ़ शासन ने प्रकाशित किया।
छत्तीसगढ़ी भाषा में अनेकों शोधपत्र / शोधग्रंथों में प्रकाशित हुआ है।
राष्ट्रीय पत्रिका ट्रू मिडिया के दिसम्बर अंक छत्तीसगढ़ी साहित्य साधिका पूरा अंक इनपर आया।
छत्तीसगढ़ भाषा से संबंधित केंद्रीय भाषा संस्थान ( सी.आई आई .एल) के मोबाइल एप में 26 भाषाओं के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा में काम किया है केंद्रीय भाषा संस्थान के विभिन्न प्रोजेक्ट में अपना सहयोग अनवरत दें रहीं हैं।
तिरुवल्लुवर कृत तिरुक्कुरल तमिल वेद है जिसमें बेहद गंभीर और आध्यात्मिक चिंतन है। तिरुक्कुरल में 1330 कुरल हैं । प्रत्येक कुरल में शिक्षाप्रद सीख है। महान ग्रंथ का अनुवाद विश्व की अनेकों भाषाओं के साथ लोक भाषा में भी अनुवाद का कार्य केन्द्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान के द्वारा किया जा रहा है। इस संस्थान के द्वारा छत्तीसगढ़ी में तिरुक्कुरल के अनुवाद के लिए गीता शर्मा को चयनित किया गया। तिरुक्कुरल का अनुवाद पूर्ण हो चुका है और अब प्रकाशन की ओर अग्रसरित है। तमिलनाडु शासन और केन्द्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान सभी भाषाओं का सम्मान करती है l
श्री सुब्रमण्यम भारती जी के 144 अवतरण दिवस भव्य समारोह लोक भवन में मनाया गया । इस अवसर पर अनेकों राज्य के अनुवादको को आमंत्रित किया गया। स्वागत समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल थिरु आर. एन. रवि जी दीप प्रज्ज्वलित कर सुब्रमण्यम भारती को पुष्पांजली अर्पित कर उन्हें याद किया साथ में सुब्रमण्यम भारती के परिवार से लोग शामिल होकर उन्हें पुष्पांजली अर्पित किया।
भाषा दिवस पर महामहिम थिरु आर एन रवि जी के द्वारा बच्चों को और सभी अनुवादकों का सम्मान किया । महामहिम का भाषा दिवस पर उद्बोधन सार गर्भित और सभी भाषाओं की विभिन्नता में एकता का संदेश प्रद रहा। सभी राज्यों के लोक भाषाओं के संत अपनी मातृभाषाओं में जो भी कुछ सीख देते हैं उन सभी संत महात्मा के संदेश एक जैसे ही होते हैं। कोस -कोस में बदले पानी चार कोस में वाणी समझकर अपनी मातृभाषा को उसकी प्रभुता को बनाए रखने के साथ – साथ काशी तमिल संगम पर केंद्रिय शास्त्रीय तमिल संस्थान के कार्यो की प्रशंसा की। तिरुक्कुरल ग्रंथ की गंभीर सीख पर अपना प्रकाश डाला।
तिरुक्कुरल के तमिल से छत्तीसगढ़ी अनुवाद पर लोक भवन में गीता शर्मा का भव्य आयोजन में सम्मान किया गया । गीता ने केन्द्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान और तमिलनाडु शासन का इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए हार्दिक आभार प्रकट किया है। साथ ही केन्द्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान के डायरेक्टर थिरु चंद्रशेखरन जी , रजिस्टार सुश्री भुवनेश्वरी जी और प्रोजेक्ट आफिसर श्री अलगुमुथु जी का हार्दिक आभार प्रकट किया है।
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