भारत से 100 साल पहले चोरी कर कनाडा भेजी गई मां अन्नपूर्णा की मूर्ति वापस लाई जा चुकी है। मूर्ति को उत्तर प्रदेश में काशी विश्वनाथ मंदिर में 15 नवंबर को स्थापित किया जाएगा।
मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक सब के सब चोर और लुटरे थे और कुछ लोग आज भी इन्हें महान बताने में लगे रहते हैं।
कैसे मिली मूर्ति वापस?
यह मूर्ति 18वीं शताब्दी की है। माना जा रहा है कि इसे 1913 में काशी के घाट से चुराकर कनाडा भेज दिया गया था। वहां पर यह मैकेंजी आर्ट गैलरी में रेजिना यूनिवर्सिटी के संग्रह का हिस्सा थी। इस मूर्ति की वसीयत 1936 में नार्मन मैकेंजी ने करवाई थी और मूर्ति को गैलरी के संग्रह से जोड़ा गया था। यह मामला उस वक्त सामने आया जब इस साल गैलरी में एक एग्जीबिशन की तैयारी चल रही थी। इस दौरान एक कलाकार दिव्या मेहरा की नजर इस मूर्ति पर पड़ी और उन्होंने इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद सरकार ने अपनी तरफ से मूर्ति की वापसी के प्रयास शुरु किए।
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