Vande Bharat Sleeper Train: वाराणसी-दिल्ली के बीच शुरू हुई नई स्लीपर ट्रेन, CM योगी और रेल मंत्री ने 5 रेल सेवाओं को दिखाई हरी झंडी

Vande Bharat Sleeper Train: वाराणसी-दिल्ली के बीच शुरू हुई नई स्लीपर ट्रेन, CM योगी और रेल मंत्री ने 5 रेल सेवाओं को दिखाई हरी झंडी

Vande Bharat Sleeper Train: दीपावली के मौके पर वाराणसी को रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन समेत पांच नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। नई सेवाओं से लंबी दूरी की यात्रा के साथ स्थानीय और क्षेत्रीय रेल आवागमन भी आसान होगा। वाराणसी से दिल्ली के बीच रात में सफर करने वाले यात्रियों को अब तेज और आरामदायक रेल सेवा का विकल्प मिलेगा।

वाराणसी-दिल्ली के बीच शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर सेवा

वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। नई सेवा से यात्रियों को रात में सफर कर सुबह दिल्ली पहुंचने की सुविधा मिलेगी। इससे नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को अपने जरूरी काम निपटाने के लिए अधिक समय मिल सकेगा। नई ट्रेन के जरिए दोनों शहरों के बीच रात्रिकालीन रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की कोशिश की गई है।

जानिए ट्रेन का नंबर और आने-जाने का समय

वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का नंबर 27421 है। यह ट्रेन वाराणसी से रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 27422 नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर चलेगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी।

रास्ते में ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर ठहरेगी। वाराणसी से दिल्ली जाने वाली ट्रेन सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को चलेगी। वहीं, दिल्ली से वाराणसी आने वाली ट्रेन सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित होगी।

16 कोच और 823 बर्थ, आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को आरामदायक और सुविधाजनक बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसमें कुल 16 कोच हैं और अधिकतम परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। पूरी तरह वातानुकूलित इस ट्रेन में एसी फर्स्ट, एसी सेकंड और एसी थर्ड श्रेणी के कोच उपलब्ध हैं। ट्रेन में कुल 823 बर्थ हैं।

मेक इन इंडिया पहल के तहत तैयार इस ट्रेन में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम और आधुनिक प्रणोदन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके डिजाइन में यात्रियों के आराम, ऊर्जा दक्षता और बेहतर परिचालन को ध्यान में रखा गया है।

सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

ट्रेन में अग्नि सुरक्षा प्रणाली, धुआं और आग का पता लगाने वाले सेंसर, सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन अलार्म पुश बटन जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इसके अलावा ट्रेन टक्कर से बचाव प्रणाली भी उपलब्ध है। आधुनिक शौचालय, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय, सामान रखने की पर्याप्त जगह और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है।

यात्रियों के लिए टाइप-ए और टाइप-सी यूएसबी चार्जिंग पोर्ट, वाई-फाई नेटवर्क और बेहतर संचार व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। प्रथम वातानुकूलित श्रेणी में गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा भी दी गई है।

वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनें

वाराणसी में स्थानीय रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए वाराणसी सिटी और राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेन सेवाएं शुरू की गई हैं। इन ट्रेनों से शहर और आसपास के इलाकों के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। ट्रेनें वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशनों पर रुकेंगी।

12 कोच वाली इन मेमू ट्रेनों से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, मरीजों, कारोबारियों और पर्यटकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। स्थानीय रेल सेवा का विकल्प बढ़ने से सड़क यातायात पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है। राजातालाब से रिंग रोड के रास्ते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंचने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। इस सेवा के लिए एसएसटी का किराया 95 रुपये निर्धारित किया गया है।

वाराणसी से प्रयागराज के लिए भी नई ट्रेन सेवा

वाराणसी और प्रयागराज के बीच यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच नई ट्रेन सेवा भी शुरू की गई है। दोनों शहरों के बीच धार्मिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आने-जाने वाले यात्रियों को इससे एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

करीब ढाई घंटे के सफर वाली इस सेवा से विद्यार्थी, कारोबारी, किसान और प्रयागराज में हाईकोर्ट से जुड़े काम के लिए जाने वाले लोगों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इस ट्रेन का एसएसटी किराया 220 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा बनारस-प्रयागराज रामबाग-बनारस मेमू ट्रेन संख्या 65111/65112 का मार्ग विस्तार औंड़िहार तक किया जाएगा। इसका नियमित संचालन 1 नवंबर से शुरू होगा।

पांच नई रेल सेवाओं से मजबूत होगी काशी की कनेक्टिविटी

वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू सेवाएं और बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच नई ट्रेन सेवा से काशी की रेल कनेक्टिविटी को विस्तार मिला है। इन सेवाओं का लाभ लंबी दूरी के यात्रियों के साथ आसपास के क्षेत्रों में रोजाना सफर करने वाले लोगों को भी मिलेगा। बेहतर रेल विकल्प मिलने से वाराणसी, प्रयागराज और दिल्ली के बीच यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

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