जानकारी के मुताबिक, 29 अगस्त की रात कोतरारोड क्षेत्र में सड़क पर पानी के छींटे पड़ने की मामूली बात को लेकर आरोपी का खुशहाल अग्रवाल से विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पिस्टल से खुशहाल के सिर को निशाना बनाकर दो बार फायर किया। खुशहाल के नीचे बैठ जाने से वह फायर की चपेट में आने से बच गया।
घटना के बाद आरोपी अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने घटनास्थल के पास से पिस्टल हथियार बरामद किया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया। घटनास्थल से जप्त मोटरसाइकिल और गवाहों से पूछताछ के आधार पर आरोपी की पहचान हरसवरन सिंह घोतड़ा निवासी जालंधर पंजाब, वर्तमान पता ग्राम तेंदूडिपा, कलमी, रायगढ़ के रूप में की है। आरोपी घटना के बाद से फरार हो गया था।
आरोपी को भगाने में साले ने की थी मदद
जाँच में सामने आया कि घटना के बाद आरोपी हरसवरन सिंह घोतड़ा को फरार कराने में उसके साले बुधराम चौहान उर्फ छोटू, निवासी रेलवे बंगलापारा रायगढ़ ने सहयोग किया था। आरोपी से मोबाइल पर बातचीत करने के बाद बुधराम उसे अपनी मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 AT 6257 से भूपदेवपुर रेलवे स्टेशन तक छोड़ने गया था। अपराध में संलिप्तता जाने पर सहआरोपी- बुधराम चौहान उर्फ छोटू पिता स्वर्गीय हरिलाल चौहान उम्र 30 वर्ष निवासी रेलवे बांग्ला पारा वार्ड नंबर 39 थाना सिटी कोतवाली रायगढ़ को गिरफ्तार कर आरोपी से उसका अपराध में प्रयुक्त मोबाइल और मोटरसाइकिल को जप्त कर रिमांड में पेश कर जेल भेजा गया है । जहां से आरोपी हरसवरन ग्वालियर भाग गया था।
आरोपी बुधराम चौहान से पूछताछ में फरार आरोपी हरसवरन के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर उसकी तलाश आगे बढ़ाई गई।
साइबर टीम ने ग्वालियर तक पीछा कर आरोपी को पकड़ा
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साइबर थाना की टीम को फरार आरोपी की पतासाजी कर शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। साइबर टीम ने उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया और उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।
पुलिस टीम लगातार आरोपी का पीछा करते हुए ग्वालियर पहुंची। ग्वालियर रेलवे स्टेशन के पास जीआरपी ग्वालियर की मदद से आरोपी हरसवरन सिंह घोतड़ा पिता सुरेन्द्र मोहन सिंह 44 वर्ष निवासी जिला जालंधर (पंजाब) को पकड़ लिया गया।
आरोपी को रायगढ़ लाकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया और बताया कि घटना में प्रयुक्त एयरगन को ऑनलाइन खरीदा था। अपराध अज्ञात आरोपी के विरुद्ध पंजीबद्ध होने के कारण पुलिस द्वारा प्रार्थी से आरोपी की पहचान कार्यवाही भी कराई गई।
आरोपी के मेमोरेण्डम कथन पर बुधराम से बातचीत में प्रयुक्त विवो कंपनी का टच स्क्रीन मोबाइल जप्त किया गया है।
पुलिस टीम की भूमिका
एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, ASP अनिल सोनी एवं CSP मयंक मिश्रा के नेतृत्व में फरार आरोपी की तलाश कर गिरफ्तारी की कार्रवाई।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी साइबर विजय चेलक, थाना प्रभारी कोतवाली अमित सिंह, एएसआई नंद कुमार सारथी, आरक्षक महेश पंडा, संतराम केंवट सहित थाना कोतवाली एवं साइबर थाना की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।