रायपुर। परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर पं. रविशंकर शुक्ल विवि अपना ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। गलत प्रश्नपत्र बांटे जाने, समय-सारिणी में रिकॉर्ड तोड़ परिवर्तन के बाद अब रविवि ने बगैर परीक्षा लिए ही परिणाम जारी कर दिए हैं। सभी छात्रों को पूरक की श्रेणी में रख गया है। मामला बीए द्वितीय वर्ष के चतुर्थ सेमेस्टर का है। छात्र पिछले एक महीने से रविवि के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन रविवि प्रशासन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
रविवि से संबद्ध कुरुद स्थित संत गुरु घासीदास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीए चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों ने एक विषय के रूप में मनी एंड बैंकिंग का चुनाव किया। पूरे सेमेस्टर छात्रों ने इसकी पढ़ाई की। आंतरिक मूल्यांकन सहित असाइनमेंट भी हुए। 6 जुलाई को इस विषय की परीक्षा निर्धारित की गई थी। छात्र पूरे समय परीक्षा केंद्र में बैठे प्रश्नपत्र आने का इंतजार करते रहे, लेकिन प्रश्नपत्र नहीं आया। अब छात्रों को इस विषय में पूरक बताकर उनका परिणाम घोषित कर दिया गया है, जबकि यह परीक्षा आयोजित ही नहीं की गई।
रविवि ने जारी कर दिया एडमिट कार्ड
एक ओर विवि का कहना है कि, उक्त विषय की पढ़ाई महाविद्यालय द्वारा कराई ही नहीं जानी थी, तो वहीं दूसरी ओर विवि द्वारा स्वयं छात्रों के लिए जारी किए गए एडमिट कार्ड में मनी बैंकिंग विषय का जिक्र था। कुरूद के संत गुरु घासीदास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 14 छात्र अध्ययनरत हैं। वे एनएसयूआई के रविवि प्रभारी पुनेश्वर लहरे के नेतृत्व में विरोध दर्ज कराने सोमवार को पुनः विवि पहुंचे। उन्होंने कहा, अगर सिलेबस गलत था तो विश्वविद्यालय ने उसी विषय का एडमिट कार्ड छात्रों को क्यों जारी किया? सबसे गंभीर बात यह है कि छात्रों के आगामी सेमेस्टर में प्रवेश की निर्धारित अंतिम तिथि भी समाप्त हो चुकी है। हमारी मांग है कि रिजल्ट में तत्काल सुधार किया जाए, संबंधित विषय की परीक्षा कराई जाए और छात्रों को आगे प्रवेश के लिए उचित समय दिया जाए।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
शिकायत लेकर जब छात्र रविवि पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि, यह विषय शेड्यूल में ही नहीं था। महाविद्यालय द्वारा छात्रों को इकोनॉमिक्स हिस्ट्री पढ़ाई जानी थी, ना कि मनी बैंकिंग। इसके बाद से छात्र सदमे में हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन और महाविद्यालय प्रबंधन दोनों ही एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। छात्रों को जो अंकसूची प्रदान की गई है, उसमें मनी बैंकिंग के स्थान पर बीकॉम के एक विषय का जिक्र करते हुए उन्हें अनुत्तीर्ण बताया गया है।
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