मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने न्याय प्रणाली को तकनीक आधारित, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने पर दिया जोर

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने न्याय प्रणाली को तकनीक आधारित, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने पर दिया जोर

रायपुर

16 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के प्रमुख संरक्षक माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के दूरदर्शी नेतृत्व में रायपुर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर में किया गया। सेमिनार में रायपुर संभाग के रायपुर, धमतरी, बलौदा-बाजार एवं महासमुंद जिलों के 141 न्यायिक अधिकारियों ने सहभागिता की।
सेमिनार का उद्घाटन मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय, न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल, न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु तथा न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद सहित अन्य न्यायाधीशों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कानून और तकनीक के बदलते स्वरूप के अनुरूप अपडेट रहने की जरूरत
न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने निरंतर न्यायिक शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों को कानून, प्रौद्योगिकी और समाज में हो रहे बदलावों के अनुरूप स्वयं को लगातार अद्यतन रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन लेन-देन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और उन्नत तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ आर्थिक अपराध भी लगातार जटिल होते जा रहे हैं। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के लागू होने से आपराधिक न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। ऐसे में न्यायिक अधिकारियों को नए विधिक प्रावधानों की स्पष्ट समझ रखते हुए साक्ष्यों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना चाहिए।
दस्तावेजी साक्ष्यों के उचित मूल्यांकन पर जोर
मुख्य न्यायाधीश ने व्यवहार वादों में दस्तावेजी साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि निष्पक्ष और शीघ्र न्यायनिर्णयन के लिए दस्तावेजों का उचित मूल्यांकन एवं सही परीक्षण जरूरी है। दस्तावेजों की ग्राह्यता, प्रमाण, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख, स्टाम्पिंग, पंजीयन और आपत्तियों से जुड़े मुद्दों का दीवानी मामलों के परिणाम पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।
जीरो एफआईआर और ई-एफआईआर से आसान हुई न्याय तक पहुंच
मुख्य न्यायाधीश ने आपराधिक न्याय प्रणाली में तकनीक की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीरो एफआईआर और ई-एफआईआर ने अपराधों की त्वरित रिपोर्टिंग को सुगम बनाया है। इससे नागरिकों के लिए अपराध किसी भी क्षेत्राधिकार में होने की स्थिति में आपराधिक न्याय प्रणाली तक पहुंच आसान हुई है।
चेक अनादरण के मामलों में ADR पर जोर
उन्होंने कहा कि चेक अनादरण के मामले न्यायालयों में लंबित मामलों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे मामलों के शीघ्र समाधान के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR), विशेष रूप से मध्यस्थता और समझौते के महत्व पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि ADR आधारित दृष्टिकोण से न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम करने के साथ विवादों का शीघ्र समाधान संभव है और पक्षकारों के व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत संबंधों को बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष न्याय की आवश्यकता
अपने संबोधन के समापन पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सेमिनार में चर्चा किए गए सभी विषयों का साझा उद्देश्य न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी, प्रौद्योगिकी-अनुकूल, विधिसम्मत और जनोन्मुखी बनाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज न्यायपालिका से केवल सही निर्णय की अपेक्षा नहीं करता, बल्कि समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से न्याय प्रदान किए जाने की भी अपेक्षा करता है।
समसामयिक विधिक विषयों पर हुआ मंथन
सेमिनार में भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद आर्थिक अपराधों की स्थिति एवं न्यायालयों के समक्ष चुनौतियों, दीवानी मामलों में दस्तावेजों की ग्राह्यता एवं उपयोग, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की ग्राह्यता, जीरो एफआईआर एवं ई-एफआईआर के वैधानिक पहलुओं तथा चेक अनादरण के मामलों में ADR आधारित दृष्टिकोण जैसे समसामयिक विधिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल एवं रजिस्ट्री के अधिकारीगण तथा रायपुर, धमतरी, बलौदा-बाजार और महासमुंद जिलों के न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायपुर ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि निदेशक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी ने विषय-परिचय प्रस्तुत किया। उद्घाटन सत्र का समापन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायपुर द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।

Author Profile

abhijeet pandey
Latest entries
Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Have Missed