कुलगाम आतंकी हमला: छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या

कुलगाम आतंकी हमला: छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी हमला: छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या

श्रीनगर/कुलगाम: जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम जिले के केलम (केल्लाम) इलाके में शुक्रवार (31 जुलाई 2026) देर शाम आतंकियों ने ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस कायराना हमले में छत्तीसगढ़ के दोनों मजदूरों की मौत हो गई।

मृतकों की पहचान शक्ति (सक्ती) जिले के बुंदेली गांव निवासी दीपक कुमार रात्रे (लगभग 24 वर्ष, कुछ रिपोर्टों में 21 वर्ष भी बताया गया) और बलौदाबाजार/सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र के धनसीर छुईहा गांव निवासी भूपेंद्र (भूपिंदर/भूपेंद्र भैना, 28 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों मजदूर रोजगार की तलाश में कश्मीर आए थे और एक ही ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे।

### घटना का क्रम
पुलिस और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने भट्ठे पर पहुंचकर मजदूरों से पहले उनके नाम और पहचान पूछी। इसके बाद उन्हें निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। दीपक रात्रे की मौके पर या अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र को पहले जीएमसी अनंतनाग और फिर बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर के एसकेआईएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान शनिवार को उनकी भी मौत हो गई।

यह हमला टारगेट किलिंग का मामला बताया जा रहा है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि आतंकियों ने धर्म/नाम पूछने के बाद हिंदू मजदूरों को निशाना बनाया। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है।

### सुरक्षा बलों की कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और हमलावरों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले की कड़ी निंदा की और सुरक्षा बलों को आतंकियों को खत्म करने के लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए।

### राहत और प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दोनों मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी हमले को कायराना बताया और दुख जताया। छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत कई नेताओं ने निंदा की।

दीपक रात्रे परिवार के मुख्य कमाने वाले थे। वे करीब एक साल पहले रोजी-रोटी की तलाश में पत्नी और भाई के साथ कश्मीर गए थे। उनकी शादी मात्र एक वर्ष पहले हुई थी। भूपेंद्र भी परिवार का सहारा थे।

यह हमला घाटी में प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाने वाली हाल की घटनाओं की श्रृंखला का हिस्सा है। सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रखे हुए हैं।

 

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