सोनम वांगचुक की पत्नि गीतांजलि ने हिन्दु राष्ट्र व संस्कृत को राष्ट्र भाषा बनाने की बात कही

सोनम वांगचुक की पत्नि गीतांजलि ने हिन्दु राष्ट्र व संस्कृत को राष्ट्र भाषा बनाने की बात कही

वीडियो में गीतांजलि जे. अंगमो (सोनम वांगचुक की पत्नी, HIAL की को-फाउंडर) एक पैनल चर्चा में अंग्रेजी में बोल रही हैं। नीचे उनके मुख्य बिंदुओं का हिंदी अनुवाद दिया गया है (वीडियो में दिए गए सबटाइटल्स/सारांश के आधार पर):
मुख्य बातें जो वे कह रही हैं:
संसदीय लोकतंत्र पर
संसदीय लोकतंत्र भारत का नहीं है (श्री अरविंद के विचारों का हवाला देते हुए)। मोदी जी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की तरह जीते हैं।
सेक्युलर शब्द पर
संविधान से ‘सेक्युलर’ शब्द हटा देना चाहिए।
प्राचीन ज्ञान पर
प्राचीन ऋषियों को प्रकाश की गति का ज्ञान था (श्लोक के माध्यम से)।
सनातन धर्म पर
भारत सनातन धर्म का एकमात्र संरक्षक है। हिंदू अध्ययनों को फंडिंग मिलनी चाहिए।
राम मंदिर और हिंदू राष्ट्र पर
राम मंदिर आवश्यक था। अब हमें और गहरा हिंदू राष्ट्र / हिंदुत्व बनाना चाहिए।
आर्य आक्रमण सिद्धांत पर
वे आर्य आक्रमण सिद्धांत को खारिज करती हैं और ऋग्वेद को लगभग 8000 साल पुराना बताती हैं।
नेहरू, पटेल और विभाजन पर
नेहरू को ‘पश्चिमीकृत बुद्धि’ वाला प्रधानमंत्री बताती हैं। पटेल को प्रधानमंत्री होना चाहिए था। विभाजन ‘जाना चाहिए और जाएगा’ (श्री अरविंद के विचारों का समर्थन करते हुए)।
राष्ट्रभाषा पर (वीडियो का सबसे प्रमुख बिंदु)
संस्कृत को भारत की राष्ट्रभाषा होना चाहिए।

इस पैनल चर्चा में गीतअंजली जे. अंगमो (Gitanjali J Angmo) के अलावा निम्नलिखित लोग शामिल हैं:
डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी (Dr Subramanian Swamy)
जगदीश वी. शेट्टी (Jagdish V Shetty)
रमेश एन. स्वामी (Ramesh N Swamy)
डॉ. अरविंद चतुर्वेदी (Dr Arvind Chaturvedi)

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