दिनांक- 03/05/2026
तेंदुआ धाम/ शिवरीनारायण/जांजगीर-चांपा।
छत्तीसगढ़ में राम की दो माताओं का जन्म हुआ एक माता कौसल्या ‘कोसला’ और दुसरी मां शबरी ‘शिवरीनारायण’
शिवरीनारायण समीप स्थित श्री राम मिलेंगे आश्रम तेंदुआ धाम में 27 मई से 6 अप्रैल तक नौ दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन किया गया है। जिसमें तुलसी पीठाधीश्वर चित्रकूट धाम उत्तर प्रदेश से विश्वविख्यात संत, पद्मविभूषित जगत गुरु श्री रामभद्राचार्य जी अपने श्री मुख से राम कथा कह रहे हैं।

इसी बीच कथा के सातवें दिन श्री रामभद्राचार्य जी ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की भूमि पावन है, चंद्रखुरी नहीं बल्कि यहां माता कौसल्या की जन्मभूमि ‘कोसला’ है, कौसल्या नाम ‘कोसला’ शब्द से पड़ा, कोसला शिवरीनारायण से 15 किलोमीटर दूरी पर स्थित है, कोसला में माता कौसल्या का जन्म हुआ था, उनके पिता दक्षिण कोसल के राजा भानुमंत थे एवं माता का नाम संग्या थी”
श्री राम भद्राचार्य जी ने कहा कि “बिना एतिहासिक, धार्मिक तथ्यों के चंद्रखुरी को माता कौशल्या का जन्म स्थान बताकर लोगों में केवल भ्रम फैलाया गया, लोगों की धार्मिक आस्था की भावना से खिलवाड़ किया गया जबकि हमारे पास अनेकों तरह के धार्मिक ऐतिहासिक प्रमाण है कि कोसला ही कौसल्या की जन्मभूमि है”
माता कौशल्या जन्मभूमि सेवा संस्थान के सदस्यों ने जगत गुरु रामभद्राचार्य को माता कौशल्या का चित्र भेंट किया, एवं उनके कृपापात्र शिष्य श्रीराम मिलेंगे आश्रम के संस्थापक डॉ अशोक हरिवंश से मिलकर उनका मार्गदर्शन लिया।
पूरे क्षेत्र में हर्ष व्याप्त…
कोसला धाम वासियों सहित पूरे क्षेत्र के जन-जन के मन में यह हर्ष है की कोसला ही माता कौसल्या की जन्मभूमि है इसका प्रमाण स्वयं जगतगुरु श्रीरामभद्राचार्य जी ने दिया है।
कोसला धाम वासियों ने कहा है ‘माता कौशल्या जन्मभूमि के विकास को लेकर उनका प्रयास वर्षों से चल रहा है, अब जब स्वयं जगतगुरु श्रीरामभद्राचार्य जी महराज ने इसको प्रमाणित किया तो उनका आत्मविश्वास और भी बढ़ गया’
कोसला धाम वासियों ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार, संत महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी, धर्मावलंबियों से निवेदन किया है ‘माता कौशल्या जन्मभूमि ‘कोसला’ धाम के विकास में सभी हर संभव प्रयास करें, जिससे अयोध्या धाम श्रीरामलाल मंदिर की भांति ‘कोसला धाम’ में माता कौसल्या का भव्य मंदिर निर्माण हो।
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