कोलकाता
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक ने अपने धार्मिक यात्रा के तृतीय चरण पर कोलकाता स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर में माँ काली के दिव्य दर्शन व पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने माँ काली की विधिवत रूप से पुजा अर्चना कर क्षेत्र व प्रदेश वासियों के विकास एवं सभी के सुख और समृद्धि की मंगल कामना की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस वर्ष 2025 के सावन मास की हमारी यात्रा के तृतीय चरण में हमने माँ काली एवं शिव जी की आराधना कर उनके श्रीचरणों में शीश नवाया तथा समर्पित भाव से प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि, आरोग्यता और उत्तरोत्तर प्रगति हेतु मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि ऐसी शक्ति स्वरूपा माँ काली हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और समस्त समाज में शांति, सौहार्द और ऊर्जा का संचार करें।

उन्होंने कहा कि वह मां काली की पूजा तथा दर्शन करने के बाद नई ऊर्जा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल शुरू से ही देश का धार्मिक तथा आध्यात्मिक केंद्र रहा है। यह राज्य महान संतो की भूमि रही है। श्री कौशिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है, यह ऐसे ही आगे बढ़ता रहे, इसकी उन्होंने प्रार्थना की। इस पुण्य अवसर पर क्रेड़ा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी जी, बेलतरा के पूर्व विधायक श्री रजनीश सिंह जी एवं डॉ. देवेंद्र कौशिक जी, श्री पुष्पेंद्र कौशिक जी, श्री शरद कुमार वर्मा जी, श्री दुर्गेश कौशिक जी, श्री परमानंद बजाज जी, श्री विनोद कुमार खत्री जी, श्री नरेंद्र पाल जी, श्री उत्कर्ष तिवारी जी, श्री सतीश शर्मा जी, श्री विष्णु बिंदल जी, श्री पवन अग्रवाल जी, श्री सुमित गुप्ता जी, श्री नारायण कुमार शर्मा जी, श्री मोहन डोरिया जी, श्री राज कुमार खेत्रपाल जी, श्री अमित बग्गा जी, श्री योगेश अग्रवाल जी, श्री राकेश कुमार निर्वाण जी के साथ इस आध्यात्मिक यात्रा में सहभागी बने।

Author Profile
Latest entries
छत्तीसगढ़2026.06.12रायगढ़ कथक घराने के गौरव पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ को मिलेगा संगीत नाटक अकादमी का सर्वोच्च सम्मान “अकादमी रत्न”
बिलासपुर2026.06.12नीतिगत सुधारों, आंतरिक सुरक्षा और सुशासन के बेमिसाल 12 वर्ष : डॉ. नवीन मार्कण्डेय
छत्तीसगढ़2026.06.11युवाओं के सपनों को मिलेगा नया आसमान : खेल परिसर में 358.90 लाख रुपये की लागत से बनेगा बालक छात्रावास
उप मुख्यमंत्री2026.06.11कोनी-मोपका बायपास के लिए निविदा को मंजूरी
