नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा प्रदेश सरकार द्वारा घोषित स्थानांतरण नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस स्थानांतरण नीति में सबसे बड़ा त्रुटि यह है कि स्थानांतरण अवधि में भार साधक सचिव द्वारा मंत्री के अनुमोदन उपरांत बिना समन्वय के स्थानांतरण में निरस्तीकरण व संशोधन किया जा सकेगा। इससे स्थानांतरण उद्योग पूरे प्रदेश में फलेगा-फूलेगा,क्योकि अब विभागीय सचिव व मंत्री द्वारा आदेश निकले जायेंगे और स्वयं इनके द्वारा ही आदेश निरस्त व संशोधित किये जायेगे।जिससे भष्ट्राचार को बढ़ावा मिलेगा।

भाजपा सरकार ने एक बार स्थानांतरण के आदेश में कोई संशोधन या निरस्तीकरण में समन्वय में अनुमोदन की आवश्यकता होती थी। इस कारण आदेश निकलने के बाद निरस्तीकरण या संशोधन नहीं होता था। जिससे स्थानांतरण उद्योग का स्वरूप नहीं ले पाता था। जिला स्तर के लिए 16 अगस्त से 10 सितम्बर व राज्य के लिए 10 सितम्बर से 30 सितम्बर तक समय अवधि निर्धारित की गई है। लेकिन यह कर्मचारियों के हित में नहीं है।क्योकि इस समय तक कर्मचारी के बच्चे स्कूल में प्रवेश ले चुके होते है तो इसके बाद स्थानांतरण करने से कर्मचारियों व परिवार को और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने मांग की है कि एक बार स्थानांतरण होने के बाद निरस्तीकरण या संशोधन का अधिकार समन्वय के माध्यम से ही हो तथा इस संबंध में नीति में कर्मचारी हित में तत्काल संशोधन किया जाना चाहिए।
Author Profile
Latest entries
छत्तीसगढ़2026.06.12रायगढ़ कथक घराने के गौरव पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ को मिलेगा संगीत नाटक अकादमी का सर्वोच्च सम्मान “अकादमी रत्न”
बिलासपुर2026.06.12नीतिगत सुधारों, आंतरिक सुरक्षा और सुशासन के बेमिसाल 12 वर्ष : डॉ. नवीन मार्कण्डेय
छत्तीसगढ़2026.06.11युवाओं के सपनों को मिलेगा नया आसमान : खेल परिसर में 358.90 लाख रुपये की लागत से बनेगा बालक छात्रावास
उप मुख्यमंत्री2026.06.11कोनी-मोपका बायपास के लिए निविदा को मंजूरी
