
रायपुर: बंगाल की खाड़ी में कोई सिस्टम नहीं बनने के कारण इस बार छत्तीसगढ़ में मानसून आने में एक दो दिन की देरी हो सकती है। ऐसे में मानसून 12 जून या इसके बाद दस्तक देने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार खाड़ी में एक सप्ताह से कोई सिस्टम बनने की संभावना भी नहीं है। पिछले साल मानसून ने 11 जून को दस्तक की थी। मौसम विभाग दिल्ली के पूर्वानुमान के मुताबिक इस बार प्रदेश में 106 फीसदी बारिश होनी यानी औसत से ज्यादा होगी।
प्रदेश में जून में अच्छी बारिश होने का ट्रेंड रहा है। इसमें प्री मानसून व मानसूनी बारिश शामिल है। छत्तीसगढ़ में मानसून आने की सामान्य तारीख 10 जून है। पिछले 16 साल के आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि 13 बार मानसून देरी से पहुंचा। एक साल तय तारीख से एक दिन पहले तथा दो बार निर्धारित तारीख से एक-दो दिन बाद मानसून ने दस्तक दी। पिछले साल 11 जून को यानी केवल एक दिन की देरी से मानसून आया और केवल दो दिनों में पूरे प्रदेश में मानसूनी बारिश शुरू हो गई।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि केरल में मानसून आने का मतलब ये नहीं कि प्रदेश में भी मानसून आ जाएगा। दरअसल केरल में मानसून अरब सागर से बने सिस्टम के कारण आता है। जबकि छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसूनी बारिश होती है। हालांकि ट्रेंड ये रहा है कि केरल में मानसून आने के 10 दिनों के बाद छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश शुरू हो जाती है।
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