ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवा केन्द्र की स्थापना के 40 वा वर्ष पूर्ण होने पर वार्षिक उत्सव मनाया गया।

बिलासपुर 13/11/021

ब्रह्माकुमारी गीता दीदीजी द्वारा हुई थी टिकरापारा में गीता पाठशाला की स्थापना सत्संग, सांस्कृतिक कार्यक्रम व ब्रह्माभोजन का आयोजन
लगभग 500 भाई-बहनें हुए शामिल।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थानीय शाखा टिकरापारा की 40वीं वर्षगांठ में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था से जुड़े अनेक भाई-बहनें उपस्थित हुए। भगवान शिव को भोग लगाने के बाद सत्संग, अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम व अंत में ब्रह्माभोजन का आयोजन किया गया।
सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने बतलाया कि टिकरापारा में शरद बल्हाल जी के मकान के छोटे से कमरे में ब्रह्माकुमारी पाठशाला के रूप में 1981 में सेवाकेन्द्र की स्थापना हुई थी। जिसे शुरूआत में ब्रह्माकुमारी गीता दीदी जी के सानिध्य में सरस्वती शिशु मंदिर की बहनजी सरिता बल्हाल ने निमित्त बनकर संभाला और आज भी गीता दीदीजी की दुआओं व सूक्ष्म प्रकम्पनों से यह सेवाकेन्द्र निरंतर विशालता को प्राप्त होता जा रहा है।

ब्रह्माकुमारी शशी बहन ने बतलाया कि आज मंजू दीदीजी के सानिध्य में समाज के अनेक वर्गों के नैतिक, चारित्रिक, सामाजिक व आध्यात्मिक उन्नति के लिए विभिन्न आयोजन किये गए। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में अनेक स्कूल-कॉलेज के बच्चों व युवाओं का मार्गदर्शन, अनेक महिला संगठनों में नारी सशक्तिकरण, मीडिया को मूल्यानुगत बनाने एवं मीडियाकर्मियों के उत्साहवर्धन के कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य के लिए अनेक योग-प्राणायाम शिविर, पर्यावरण सुरक्षा के लिए पौधारोपण व जनजागृति कार्यक्रम, गीता ज्ञान पर अनेक प्रवचन, न्यायविदों व अन्य संगठनों के लिए तनावमुक्ति, मनोबल बढ़ाने की विधि, निर्णय शक्ति व सत्यता की शक्ति पर प्रेरणादायी उद्बोधन के अनेक कार्यक्रम हुए। जिससे अनेकानेक लोग लाभान्वित हुए।
शहर के साथ-साथ ग्रामीण अंचल में भी सेवाएं हुईं। किसान सशक्तिकरण व योग जागरण यात्रा के माध्यम से भी किसानों का आत्मसम्मान बढ़ाना, जैविक व यौगिक खेती के लिए प्रेरणा देना और भारत की संस्कृति व योग को जन-जन तक पहुंचाने हेतु भी अनेक कार्यक्रम हुए।सभी बहनों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कुमारी अविका, कु. माधुरी, कु. गौरी, कु. तनु, भावेश भाई, अमर भाई, होरीलाल भाई, जयंत भाई ने नृत्य व गीत गाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुतियाँ दी! बड़ी संख्या शहर व ग्रामीण अंचल के भाई-बहनों ने उपस्थित होकर सभी ने कार्यक्रम का लाभ लिया व ब्रह्माभोजन स्वीकार किया।

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