श्री गणेश जी का महापर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. सभी देवों में प्रथम आराध्य भगवान गणेश की पूजा करने और उन्हें प्रसन्न करने का ये पर्व इस वर्ष 10 सितंबर 2021 को मनाया जा रहा है.
.इसी दिन गणपति बप्पा विराजेंगे और 19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन उन्हें विदाई दी जाएगी. 10 दिनों के गणेशोत्सव को लेकर कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है. प्रदेश धर्माचार्य रजनीकांत शर्मा जी ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर क्या करना अशुभ माना जाता है.
लाल और पीले रंग के पहनें कपड़े धारण करके ही गणेश भगवान जी की पूजा करनी चाहिए,, इनकी कृपा से रिद्धि-सिद्धि और सुख एवं शांति प्राप्त होती है. गणेश जी का पूजन करने के समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए. गणेश चतुर्थी की पूजा में किसी भी व्यक्ति को नीले और काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए. ऐसे में लाल और पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है. गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए. यदि आप भूलवश चंद्रमा का दर्शन कर भी लें, तो जमीन से एक पत्थर का टुकड़ा उठाकर पीछे की तरफ फेंक दें. ( भगवान श्री कृष्ण जी के विषय में कहा जाता है कि इस दिन उन्होंने चंद्रदेव का दर्शन कर लिया था इसीलिए उन्हें श्यामंतक मणि की चोरी का आरोप लगा था )
इन वस्तुओं को गणेश भगवान को करें भेंट –
गणेश जी का पूजन करते समय दूब घास, गन्ना और बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं. गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय ध्यान रखें, कि उनकी सूड़ दायें तरफ मुड़ी हुई होनी चाहिए. इससे धन और वैभव प्राप्त होता है. गणेश जी के पूजन में तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए. पुराणों में कथा आती है कि देवी तुलसी जी ने भगवान गणेश जी को लम्बोदर और गजमुख कहकर विवाह का प्रस्ताव ठुकरा दिया था, जिससे नाराज होकर गणेश भगवान ने उन्हें श्राप दे दिया था.इसी क्रम में भगवान गणेश जी कभी उनको स्वीकार नही करते …
पूजन के लिए नई मूर्ति का करें प्रयोग
इसके अलावा गणेश जी की पूजा में नई मूर्ति का प्रयोग करें और पुरानी मूर्ति को विसर्जित कर दें. घर में गणेश भगवान की दो मूर्तियां भी नहीं रखनी चाहिए. यदि भगवान गणेश की मूर्ति के पास अंधेरा हो तो ऐसे में उनके दर्शन नहीं करने चाहिए. अंधेरे में भगवान की मूर्ति के दर्शन करना अशुभ माना जाता है.
क्या रहेगा मुहूर्त और नक्षत्र –
10 सितंबर को चतुर्थी तिथि रात्रि 9 बजकर 57 मिनट तक रहेगी जिसमे दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक चित्रा नक्षत्र रहेगा उसके पश्चात् स्वाति नक्षत्र का आगमन हो जाएगा ,सूर्य भगवान सिंह राशि के तथा चन्द्रमा तुला राशि में रहेंगे , प्रात: 7 बजकर 20 मिनट से 10 बजकर 25 मिनट तक शुभ योग रहेगा इसके पश्चात् दोपहर 11 बजकर 58 मिनट से 1 बजकर 31 मिनट तक मंगल योग रहेगा …आचार्य शर्मा जी ने बताया कि श्री विघ्नराज गणेश जी के लिए यह भी कहा गया कि गणेश चतुर्थी के दिन , प्रात: से लेकर रात्रि पर्यंत शुभ योग स्वीकार करना चाहिए ,,
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