Train Travel Rules: ट्रेन में मोबाइल पर तेज आवाज में गाना बजाना पड़ेगा भारी, भुगतनी पड़ सकती है ये सजा; जानें रेलवे का नियम

Train Travel Rules: ट्रेन में मोबाइल पर तेज आवाज में गाना बजाना पड़ेगा भारी, भुगतनी पड़ सकती है ये सजा; जानें रेलवे का नियम

नई दिल्ली। ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल फोन का स्पीकर चलाकर तेज आवाज में गाने सुनना या वीडियो देखना यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। भारतीय रेलवे ने ऐसे व्यवहार को लेकर यात्रियों को चेताया है। ट्रेन या रेलवे परिसर में दूसरों को परेशान करने वाला शोर-शराबा उपद्रव की श्रेणी में आ सकता है और संबंधित यात्री के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे का कहना है कि यात्रा के दौरान सभी यात्रियों की सुविधा और शांति का ध्यान रखना जरूरी है।

 

मोबाइल की तेज आवाज और रिंगटोन से होती है परेशानी

 

रेलवे के मुताबिक, मोबाइल फोन पर तेज आवाज में लंबे समय तक बातचीत करना, स्पीकर पर गाने या वीडियो चलाना और परेशान करने वाली रिंगटोन बजाना दूसरे यात्रियों के लिए असुविधाजनक हो सकता है। खासकर एसी कोच जैसे बंद स्थानों में इस तरह की आवाज से यात्रियों को अधिक परेशानी होती है।

 

इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रियों से मोबाइल का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने, गाने और वीडियो सुनने के लिए इयरफोन लगाने तथा फोन पर बातचीत के दौरान आवाज धीमी रखने की अपील की गई है।

 

रेलवे अधिनियम के तहत क्या हो सकती है कार्रवाई?

 

रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 145 (2) के तहत शोर मचाने या अनुशासन भंग करने पर 1,000 रुपए तक जुर्माना का प्रावधान है। यही नहीं, संबंधित यात्री का टिकट या पास जब्त कर उसे ट्रेन से उतारा भी जा सकता है। रेलवे कर्मचारी के रोकने के बावजूद ऐसी हरकत जारी रही और मोबाइल का वाल्यूम कम नहीं हुआ तो, छह महीने तक की जेल या जुर्माना या फिर दोनों सजाएं भुगतनी पड़ सकती है। रेलवे ने सफर के दौरान यात्रियों को हेडफोन का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

 

निर्देश के बाद भी उपद्रव जारी रखा तो बढ़ सकती है मुश्किल

 

रेलवे के अनुसार, यदि कोई यात्री अधिकृत रेलवे कर्मचारी के निर्देश के बावजूद उपद्रव जारी रखता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। बताए गए प्रावधानों के तहत छह महीने तक की साधारण कैद या 5,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों की सजा हो सकती है। हालांकि, कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित मामले में कौन-सा कानूनी प्रावधान लागू होता है।

 

आरामदायक सफर के लिए यात्रियों से सहयोग की अपील

 

रेलवे का उद्देश्य ट्रेन में यात्रा करने वाले सभी लोगों को शांतिपूर्ण और आरामदायक माहौल उपलब्ध कराना है। ऐसे में यात्रियों से अपील की गई है कि वे मोबाइल फोन और अन्य गैजेट का इस्तेमाल करते समय सहयात्रियों की सुविधा का ध्यान रखें। तेज आवाज में गाने बजाने के बजाय इयरफोन का इस्तेमाल करें और सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक शोर से बचें।

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