IPS रतनलाल डांगी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप प्राथमिक जांच में सही पाए गए, पुलिस ने बिलासपुर हाईकोर्ट में दी जानकारी

IPS रतनलाल डांगी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप प्राथमिक जांच में सही पाए गए, पुलिस ने बिलासपुर हाईकोर्ट में दी जानकारी

 

छत्तीसगढ़: निलंबित IPS रतनलाल डांगी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप प्राथमिक जांच में सही पाए गए, पुलिस ने बिलासपुर हाईकोर्ट में दी जानकारी

बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी (2003 बैच) के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों में बड़ा विकास हुआ है। पुलिस विभाग ने बिलासपुर हाईकोर्ट में बताया है कि मामले की प्राथमिक जांच में लगाए गए आरोप प्रमाणित (सही) पाए गए हैं। साथ ही, जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव भी गृह सचिव को भेज दिया गया है।

### क्या है पूरा मामला?
अक्टूबर 2025 में एक सब-इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी, जो पेशे से योग शिक्षिका हैं, ने पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि कोरबा जिले में IPS डांगी के SP रहते समय (लगभग 2017 से) उनकी मुलाकात हुई थी। इसके बाद डांगी ने ऑनलाइन योग क्लास और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क बनाए रखा और पिछले करीब 7 साल से उनका शारीरिक, मानसिक तथा वित्तीय उत्पीड़न किया।

महिला ने आरोप लगाया है कि वीडियो कॉल पर अश्लील व्यवहार, अश्लील संदेश और धमकियां दी गईं। उन्होंने डिजिटल साक्ष्य भी पेश किए हैं। आरोप है कि बात न मानने पर उनके पति को झूठे मामलों में फंसाने या नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ट्रांसफर कराने की धमकी दी गई।

IPS डांगी ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और ब्लैकमेलिंग का मामला बताया है। उन्होंने दावा किया कि महिला उन्हें बदनाम कर रही हैं और उन्होंने पहले ही ब्लैकमेलिंग की शिकायत डीजीपी से की थी।

### कार्रवाई का सिलसिला
– शिकायत के बाद नवंबर 2025 में डांगी को पुलिस अकादमी चंदखुरी के निदेशक पद से हटा दिया गया।
– मार्च 2026 में उन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबन आदेश में कहा गया कि उन्होंने पद के अनुरूप आचरण नहीं किया और पुलिस की छवि खराब की।
– शुरुआती जांच IG आनंद छाबड़ा और DIG मिलना कुर्रे को सौंपी गई थी।

### हाईकोर्ट में याचिका और नई जानकारी
पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्राथमिक जांच में पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जांच अधिकारियों में से एक आरोपी के समान रैंक का था और दूसरी जूनियर थीं, इसलिए निष्पक्ष जांच नहीं हो रही। उन्होंने महिला IAS अधिकारी से जांच कराने की मांग की थी।

हाईकोर्ट ने मामले को संवेदनशील मानते हुए शासन से जवाब मांगा था। हालिया सुनवाई में पुलिस/राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि:
– प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए हैं।
– डीजीपी ने गृह सचिव को प्रस्ताव भेजा है कि IPS दीपांशु काबरा को नया जांच अधिकारी और IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाया जाए।

मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होने वाली है। अब आगे की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में होने की संभावना है।

### वर्तमान स्थिति
रतनलाल डांगी फिलहाल निलंबित हैं और पुलिस मुख्यालय से जुड़े हुए हैं। पीड़िता के वकील अभिषेक पांडेय के अनुसार, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अब निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।

यह मामला अभी अदालती और विभागीय प्रक्रिया के अधीन है। अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालती फैसले के बाद ही आएगा। दोनों पक्षों के बयान और साक्ष्यों की विस्तृत जांच जारी रहेगी।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *