माता कौशल्या जन्मभूमि कोसला धाम में भव्य भोजली उत्सव एवं प्रतियोगिता का आयोजन संपन्न

माता कौशल्या जन्मभूमि कोसला धाम में भव्य भोजली उत्सव एवं प्रतियोगिता का आयोजन संपन्न

 

जांजगीर-चांपा/पामगढ़।

माता कौसल्या की पावन जन्मभूमि कोसला धाम में वर्षों से चली आ रही भोजली परंपरा को जीवंत रखने एवं लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 29 अगस्त 2026 को “भोजली उत्सव एवं प्रतियोगिता-2026” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में गांव की माताओं एवं बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

मंदिर परिसर में विभिन्न प्रतिभागियों द्वारा आकर्षक ढंग से भोजली सजाकर प्रस्तुत की गई। साथ ही पारंपरिक वेशभूषा में भी प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा माता कौसल्या की पूजा अर्चना एवं प्रांगण के सभी भोजली में पुष्प वर्षा कर की गई।

इसके पश्चात अतिथियों एवं चयन समिति द्वारा भोजली एवं वेशभूषा का अवलोकन कर उत्कृष्ट प्रतिभागियों का चयन किया गया।

प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार विजेता- हिंगलेश्वरी साहू/पति महादेवा साहू को 1101 रूपए रूपचंद साहू (उपाध्यक्ष- जनपद पंचायत पामगढ़) की ओर से, द्वितीय पुरस्कार विजेता- रनिया कश्यप/पिता बहोरन कश्यप को 701 रूपए बसंत कुमार साहू (व्यवसायी) की ओर से एवं तृतीय पुरस्कार विजेता- रिया साहू/पिता जयकुमार साहू को 501 रूपए गोविन्दा सरकार जी (चिकित्सक) की ओर से प्रदान किया गया।

समिति द्वारा विजेताओं को माता कौसल्या का चित्र भी भेंट किया गया, इसके अतिरिक्त सात प्रतिभागियों को सांत्वना राशि प्रदान की गई तथा प्रतियोगिता में शामिल सभी भोजली को एक-एक गिलास देकर पुरस्कृत किया गया।

साथ ही कोसला धाम से भारतीय सेना के जवान संजय कुमार साहू (प्रत्युष) को धाम वासी व अतिथियों द्वारा पुष्प हार पहनाकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों ने भोजली गीत, पारंपरिक संस्कृति और लोक परंपराओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का सुंदर परिचय प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक प्रत्याशी पामगढ़ संतोष कुमार लहरे, जनपद अध्यक्ष पामगढ़ प्रतिनिधि मानेश जांगड़े, पामगढ़ जनपद उपाध्यक्ष रूपचंद साहू, भीमबली नायक, यशवंत केश साथ ही कोसला धाम के सरपंच राजकुमार नारंगे, उप-सरपंच योगेश कुमार साहू, वरिष्ठ पंच फिरत राम कुर्मी उपस्थित रहे।

अतिथियों ने संबोधित करते हुए कहा कि भोजली केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि हमारी लोक संस्कृति, मातृशक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसी सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

इसके अलावा कोसला धाम के बसंत कुमार साहू को पुष्प माला पहनाकर आगामी आयोजन हेतु अध्यक्षता की जिम्मेदारी सौंपी गई।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में समस्त धामवासियों, माताओं-बहनों, अतिथियों, सहयोगकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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