सिम्स में अब हर माह हो सकेंगी 150 से ज्यादा ऑर्थोपेडिक सर्जरी

सिम्स में अब हर माह हो सकेंगी 150 से ज्यादा ऑर्थोपेडिक सर्जरी

बिलासपुर

सिम्स में मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सिम्स के ऑर्थोपेडिक विभाग में नई नी-आर्थ्रोस्कोपी मशीन एवं सी-आर्म मशीन का शुभारंभ किया गया। इन अत्याधुनिक मशीनों के शुरू होने से घुटने और जोड़ से संबंधित मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा मिल सकेगी।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमेश मूर्ति ने नई मशीनों का शुभारंभ किया। नई नी-आर्थ्रोस्कोपी मशीन को इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर में स्थापित किया गया है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, इन सुविधाओं के शुरू होने से सिम्स में ऑर्थोपेडिक सर्जरी की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
छत्तीसगढ़ शासन की ओर से लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सिम्स को सी-आर्म मशीन तथा अत्याधुनिक नी-आर्थ्रोस्कोपी मशीन उपलब्ध कराई गई है। मशीनों के शुरू होने के बाद सिम्स में प्रतिमाह लगभग 90 से 120 अतिरिक्त ऑपरेशन किए जा सकेंगे। इस तरह ऑर्थोपेडिक विभाग में हर माह 150 से अधिक सर्जरी करने की क्षमता विकसित होगी।
घुटने की सर्जरी में मिलेगी दूरबीन तकनीक की सुविधा
नी-आर्थ्रोस्कोपी आधुनिक दूरबीन आधारित शल्य तकनीक है। इसमें घुटने के जोड़ में छोटे छेद के माध्यम से कैमरा और विशेष उपकरण पहुंचाकर अंदर की स्थिति को हाई-डेफिनिशन मॉनिटर पर देखा जाता है। इससे लिगामेंट, मेनिस्कस और कार्टिलेज से जुड़ी समस्याओं का सटीक उपचार किया जा सकता है।
इस तकनीक से मरीज को अपेक्षाकृत कम दर्द और कम रक्तस्राव होता है तथा ऑपरेशन के बाद रिकवरी भी जल्दी होने की संभावना रहती है। खेल संबंधी चोटों और घुटने की जटिल समस्याओं के उपचार में भी यह तकनीक काफी उपयोगी है।
मरीजों को दूसरे शहर जाने से मिलेगी राहत
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमेश मूर्ति ने कहा कि नी-आर्थ्रोस्कोपी सुविधा शुरू होने से घुटने और जोड़ से संबंधित जटिल मामलों के मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों अथवा दूसरे शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी। सिम्स में ही आधुनिक तकनीक उपलब्ध होने से मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा मिल सकेगी।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि नई मशीनों के शुरू होने से सिम्स की ऑपरेशन क्षमता बढ़ेगी और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। विशेष रूप से इमरजेंसी सर्जरी, स्पोर्ट्स इंजरी और नी-आर्थ्रोस्कोपी जैसी आधुनिक सुविधाओं से गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों के उपचार में चिकित्सकों को काफी सहायता मिलेगी।
मशीनों के शुभारंभ अवसर पर ऑर्थोपेडिक विभाग के चिकित्सक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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