कलेक्टर पर बड़ा आरोप :  प्रबंधक से कराया टायलट साफ 

कलेक्टर पर बड़ा आरोप :  प्रबंधक से कराया टायलट साफ 

कलेक्टर पर बड़ा आरोप :  प्रबंधक से कराया टायलट साफ
सक्ती कलेक्टोरेट में संस्था प्रबंधक से न केवल शौचालय साफ कराने बल्कि बिना ब्रश के खाली हाथ से शौचालय साफ कराने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर के खिलाफ मानवाधिकार आयोग से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के कलेक्टोरेट भवन में एक संस्था प्रबंधक से कथित तौर पर शौचालय साफ कराए जाने का मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति मर्यादित पुटीडीह के पूर्व संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के सचिव से शिकायत की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

धान खरीदी की बैठक के दौरान घटना का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 29 अप्रैल 2026 को धान खरीदी से संबंधित बैठक के दौरान उनसे कलेक्टोरेट भवन का शौचालय साफ करने के लिए कहा गया। महंत का आरोप है कि उन्होंने ऐसा करने से असहमति जताई, लेकिन इसके बावजूद उनसे शौचालय साफ कराया गया। उन्होंने शिकायत में इस घटना को अपने साथ अपमानजनक और अमानवीय व्यवहार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने घटना से संबंधित फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने का भी दावा किया है।

बैठक के दौरान शौचालय साफ कराने का आरोप
शिकायत के अनुसार, 28 अप्रैल को जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी अश्विनी पाण्डेय ने धान खरीदी प्रभारियों को 29 अप्रैल को बैठक में उपस्थित होने के लिए पत्र जारी किया था। इसके बाद कलेक्टोरेट के सभा कक्ष में संस्था प्रबंधकों की बैठक आयोजित की गई। महंत का दावा है कि बैठक के दौरान करीब दोपहर 12:40 बजे उनसे कलेक्टोरेट भवन का शौचालय साफ कराया गया।

बैठक में अधिकारी और अन्य लोग मौजूद होने का दावा
शिकायत में उन्होंने उस दौरान जिला खाद्य अधिकारी खुमेश्वर सिंह, सहायक खाद्य अधिकारी कमल अग्रवाल, जिला विपणन अधिकारी शोभना तिवारी, जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी अश्विनी पाण्डेय सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के मौजूद होने का उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना से संबंधित फोटो-वीडियो और अन्य सामग्री अपर कलेक्टर बालेश्वर राम द्वारा तैयार की गई थी।

जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
इस मामले में शिकायतकर्ता ने छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग से घटना की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और उचित कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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