महबूबा ने तिरंगा उल्टा पकड़ा, कानूनी कार्रवाई होगी, पहले भी हुए हैं ऐसी हरकत

महबूबा ने तिरंगा उल्टा पकड़ा, कानूनी कार्रवाई होगी, पहले भी हुए हैं ऐसी हरकत

महबूबा ने तिरंगा उल्टा पकड़ा, कानूनी कार्रवाई होगी, पहले भी हुए हैं ऐसी हरकत

 

श्रीनगर, 5 अगस्त 2026

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर मंगलवार रात श्रीनगर में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) को उल्टा पकड़ने का आरोप लगा है। इस घटना से विवाद खड़ा हो गया है और प्रशासन ने ध्वज संहिता (Flag Code of India) के उल्लंघन के लिए कानूनी कार्रवाई पर विचार शुरू कर दिया है।

5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त कर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने की सातवीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर महबूबा मुफ्ती ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ श्रीनगर स्थित पीडीपी कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने भारतीय तिरंगे के साथ पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य का झंडा भी थामा हुआ था। तस्वीरों और वीडियो में तिरंगे का केसरिया रंग नीचे और हरा रंग ऊपर दिखाई दे रहा था, जो ध्वज संहिता के नियमों के विपरीत है।

अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज को गलत तरीके से (उल्टा, गलत अनुपात या क्षतिग्रस्त रूप में) प्रदर्शित करना ध्वज संहिता का उल्लंघन है। नियमों के मुताबिक, तिरंगे में ऊपर की पट्टी हमेशा केसरिया, बीच में सफेद (जिस पर 24 तीलियों वाला नेवी ब्लू अशोक चक्र हो) और नीचे हरी पट्टी होनी चाहिए। प्रशासन ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की संभावना पर विचार कर रहा है।

प्रदर्शन के दौरान महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त की घटनाएं अभी भी महत्वपूर्ण हैं और उनकी पार्टी इन संवैधानिक प्रावधानों की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने पार्टी नेताओं को 5 अगस्त को पूरे जम्मू-कश्मीर में जिला स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का निर्देश भी दिया। इससे पहले पुलिस ने अनधिकृत प्रदर्शन या जुलूस पर प्रतिबंध लगाने संबंधी सलाह जारी की थी।

पीडीपी की ओर से इस घटना को दुर्घटना बताया गया है। पार्टी विधायक वहीद परा ने कहा कि प्रदर्शन शुरू होने पर झंडा सही था, लेकिन भीड़भाड़ और धक्का-मुक्की के कारण वह उल्टा हो गया। उन्होंने दावा किया कि यह जानबूझकर नहीं किया गया और पार्टी ने सही स्थिति वाली तस्वीर भी जारी की है।

यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कई लोगों ने इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताया, जबकि कुछ ने इसे आकस्मिक गलती करार दिया। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर विपक्षी दल समय-समय पर विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय प्रतीकों के सही प्रदर्शन को लेकर सख्त नियम लागू हैं।

प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है। ध्वज संहिता के उल्लंघन के मामलों में कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

पहले भी ऐसे उकसावे हुए

अप्रैल 2005 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ भारत की यात्रा पर आए थे (जयपुर)। उनके विशेष पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) विमान के आगे की तरफ एक ओर पाकिस्तानी झंडा और दूसरी ओर भारतीय तिरंगा लगा हुआ था। लेकिन भारतीय तिरंगा उल्टा लगा दिया गया था (केसरिया रंग नीचे और हरा ऊपर)।
यह गलती जल्दी पकड़ ली गई और मुशर्रफ के हेलीकॉप्टर से अजमेर जाने के बाद इसे ठीक कर दिया गया। आधिकारिक रूप से इसे “मानवीय त्रुटि” बताया गया था। लेकिन वास्तविकता  हरे रंग को तिरंगे झंडे में ऊपर  रखने की जो भावना है वह दुर्भावना और कट्टर इस्लामिक सोच की वजह से है यह जाहिर है.

 

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