धान खरीदी, भंडारण व उठाव पर विधानसभा में गूंजा मुद्दा..किसानों के हित में पारदर्शिता पर जोर

धान खरीदी, भंडारण व उठाव पर विधानसभा में गूंजा मुद्दा..किसानों के हित में पारदर्शिता पर जोर


बिलासपुर

छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला द्वारा जिला बिलासपुर में धान खरीदी, गुणवत्ता, भंडारण एवं उठाव से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। इस पर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया।
मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिले में कुल 6,91,983.48 मीट्रिक टन तथा वर्ष 2025-26 में अब तक 6,76,324.52 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। विकासखंडवार खरीदी में कोटा, मस्तूरी, तखतपुर एवं बिल्हा प्रमुख रहे।


धान की गुणवत्ता (सूखा) के संबंध में बताया गया कि केंद्र स्तर पर कोई निश्चित मानक निर्धारित नहीं है, किंतु राज्य शासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। वर्ष 2024-25 में समितियों को सूखा धान स्वीकार करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए, जिसमें अंतिम तिथि के पश्चात 0.1 प्रतिशत तक की छूट भी प्रदान की गई।
धान के उठाव एवं भंडारण पर जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का निराकरण मिलर्स एवं एजेंसियों के माध्यम से किया जाता है। यदि किसी केंद्र में धान के कर्फ (नमी/सूखा) में निर्धारित सीमा से अधिक विचलन पाया जाता है, तो संबंधित प्रभारियों पर कार्रवाई की जाती है।
0.5% से 1% तक कमी होने पर कारण बताओ नोटिस
1% से 2% तक कमी पर प्रतिकूल प्रविष्टि
2% से अधिक कमी पर निलंबन एवं विभागीय जांच
गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान
वर्ष 2024-25 में भंडारण केंद्रों में अतिरिक्त धान पाए जाने पर भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है। वहीं 2025-26 के लिए 31 मार्च 2026 तक निराकरण की प्रक्रिया जारी है।
जिले के कुछ केंद्रों में धान की कमी भी दर्ज की गई, जिसमें मल्हार उपार्जन केंद्र में 11.91% तथा मस्तूरी में 4.69% कमी पाई गई। हालांकि भंडारण केंद्रों में धान उठाव की कार्यप्रणाली के कारण वास्तविक स्थिति उठाव पूर्ण होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने सदन में किसानों के हितों की रक्षा हेतु धान खरीदी, भंडारण एवं उठाव में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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