बाल दिवस के अवसर पर अपोलो हॉस्पिटल में एक अनूठा आयोजन..

बाल दिवस के अवसर पर अपोलो हॉस्पिटल में एक अनूठा आयोजन..

Bilaspur(chhattigarhrakhvar
आज बाल दिवस के अवसर पर अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में एक अनूठा आयोजन किया गया इस अवसर पर उन बच्चों का आमंत्रित किया गया जो जन्म के समय या उसके बाद किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और अपोलो अस्पताल में उनका सफल इलाज हुआ और आज में सभी सामान्य बच्चों की तरह हंसते खेलते सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

आज के इस आयोजन में इन बच्चों को डॉक्टर की भर्ती तैयार कर अस्पताल के वार्ड में वास्तविक मरीजों के पास चिकित्सकों के भारतीय राउंड्स कराया गया।

हाउस के दौरान इन बच्चों ने डॉक्टरों की भाभी मरीजों से बात कर उनका हालचाल जाना अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए भी एक नया अनुभव था कि रोज कि डॉक्टर के साथ-साथ आज नन्हे-मुन्ने डॉक्टर ने भी उनकी कुशलक्षेम पूछी अपने इस अनुभव से मरीज भी काफी अच्छा महसूस कर रहे थे।

इसके अलावा बच्चों को भी चिकित्सा क्षेत्र में आने के लिए प्रेरणा प्राप्त हुई इस आयोजन के तहत लगभग 25 बच्चों ने इस एक्टिविटी में भाग लिया जिसमें एक ऐसी बच्ची भी थी जो लगभग 51 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहकर बीमारी पर विजय पाई तथा दूसरी बच्ची जो जन्म के समय मात्र 1 किलो की थी वह भी आज अपोलो के गिलास से स्वस्थ एवं सामान्य जीवन यापन कर रही है।

इस अवसर पर डॉ इंदिरा मिश्रा एवं डॉ सुशील कुमार शिशु रोग विशेषज्ञ अपोलो अस्पताल बिलासपुर भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए दोनों ने ही बच्चों की बीमारी के लक्षणों को पहचानने पर जोड़ दिया।

डॉ सुशील कुमार शिशु रोग विशेषज्ञ

क्योंकि छोटे बच्चे छोटे बच्चे अपनी समस्या बता पाने में असमर्थ होते हैं अति आवश्यक है कि बच्चों के कम खाने स्वस्थ रहने व शरीर के तापमान पर घटने बढ़ने पर उन्हें तुरंत चिकित्सक की सलाह दिलवाए साथी साथ टीकाकरण की आवश्यकता एवं महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों की बीमारियां गंभीर होने से बचाने में टीका बहुत महत्वपूर्ण होता है।

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