आपदा राहत मद एवं कोरोना सेस मद से राशि जारी करने पंचायत मंत्री से मांग की – संसद अरुण साव ने..

आपदा राहत मद एवं कोरोना सेस मद से राशि जारी करने पंचायत मंत्री से मांग की – संसद अरुण साव ने..

बिलासपुर : – कोरोना महामारी के प्रभावी रोकथाम में ग्राम पंचायतो एवं नगरीय निकायो की प्रमुख भूमिका को देखते हुए उन्हें राज्य आपदा राहत मद एवं कोरोना सेस मद से राशि जारी करने की मांग सांसद अरूण साव ने पंचायत मंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री से की है।

सांसद अरूण साव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस.सिहंदेव को लिखे पत्र में कहा कि गत वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के रोकथाम में ग्राम पंचायतों ने प्रभावी भूमिका का निवर्हन किया था। क्वारेंटिन सेंटर संचालित कर प्रवासी श्रमिकों की सारी व्यवस्था ग्राम पंचायत ने भारत सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गई 14 वे/15 वे वित्त आयोग की राशि से किया था। अनेक ग्राम पंचायत ने कर्ज लेकर व्यवस्था किया था। जिसका भुगतान अभी भी शेष है। पुनः इस वर्ष कोरोना का प्रकोप तेजी से गांवो में बढ़ रहा है और प्रवासी श्रमिको का आना भी प्रारंभ हो गया है वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी के कारण पेयजल का संकट भी गहराने लगा है। ऐसे में सभी ग्राम पंचायतों को राज्य आपदा राहत मद एवं कोरोना सेस मद से 10-10 लाख रूपये की राशि तत्काल जारी किया जाय।

साथ ही सांसद अरूण साव नगरीय प्रशासन मंत्री श्री शिव डहरिया को भी एक पत्र लिख कर बताया है कि नगरीय निकायों ने गत वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के रोकथाम हेतु जन सहयोग एवं अपनी निधि का भोजन, राशन, मास्क, सेनेटाइजर आदि वितरण कर प्रभावी भूमिका का निवर्हन किया था। वर्तमान में लाक डॉउन होने के कारण गरीबों के सामने जीवन यापन का संकट आ गया है। साथ ही भीषण गर्मी के कारण शहरों में पेयजल की समस्या भी आ रही है। ऐसे में सभी नगर निगम को 5-5 करोड़ रूपये, नगर पालिका को 3-3 करोड़ रूपये, एवं नगर पंचायत को 1-1 करोड़ की राशि राज्य आपदा राहत मद एवं कोरोना सेस मद से जारी किया जाय।
सांसद अरूण साव ने आगे कहा कि वर्तमान स्थिति में ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायो को कोरोना के प्रभावी रोकथाम हेतु सशक्त बनाना आवश्यक है ताकि वे पूरी क्षमता से काम कर सके। इसलिए राज्य सरकार से उम्मीद है कि इस जायज मांग पर गंभीरता से विचार कर त्वरित निर्णय लेगी।

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