
बिलासपुर / तखतपुर
10/08/2022
न्यायधानी से लगा तखतपुर विधानसभा क्षेत्र का एक बड़ा गांव जहां की जनसंख्या तकरीबन 6 हजार से ऊपर है यहां चाहे गर्मी हो बरसात हो या कोई भी मौसम यह गांव अपनी दुखहालि का रोना रोने को मजबूर है, जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर और तखतपुर से 15 किलोमीटर के मुख्य मार्ग में ग्राम चनाडोंगरी की मुख्य सड़क और लगभग सभी गली या पहुंच मार्ग पक्की सड़क के अभाव से थोड़ी सी बरसात होते ही किसी खेत की तरह दलदल में बदल जाती है कहने को तखतपुर विधानसभा का बड़ा गांव है

जहां हाई स्कूल एवं हाट बाजार है लेकिन सब कुछ गांव में होते हुए भी विगत 6 साल से सड़क की बड़ी दयनीय दुर्दशा है । वही दुर्भाग्य की बात गांव औऱ ग्रामीणों के लिए यह भी है कि बीजेपी शासन काल में यहां के विधायक बीजेपी के थे और अब कांग्रेस के विधायक हैं और प्रदेश में शासन कांग्रेस के होते हुए भी पूरे 4 साल गुजरने के बाद भी वर्तमान में वही कच्ची सड़क है इसमें यहाँ के विधायक को गांव और ग्रामीणों की इस दुर्दशा पर तरस नहीं आया है सबसे ज्यादा परेशानी का सबब यह है कि गांव में संचालित शासकीय स्कूल है यहां कक्षा पहली से 11वीं तक कक्षाएं संचालित होती हैं जिसमें आसपास कई गांव से पढ़ाई करने छात्र-छात्राएं पहुंचते हैं सूखे में तो जैसे तैसे धूल खा कर गुजारा चल जाता है किंतु बरसात आते ही यहां के सड़कों में वाहन तो दूर पैदल चलना तक भारी मुश्किल हो जा रहा है सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों एवं यहां पढ़ाने वाले शिक्षक शिक्षिकाओं को है जिन्हें प्रतिदिन स्कूल में आना जाना पड़ता है और इन्हीं कठिनाइयों के बीच इन्हें आना जाना पड़ रहा हैं । इसी प्रकार चनाडोंगरी के निकट गांव देवरीखुर्द पंचायत के मुख्य मार्ग की हालत भी ठीक ऐसे ही है कच्ची सड़क उस पर बड़े-बड़े गड्ढे जिसमें पानी भरा रहने के कारण इस मार्ग पर आने जाने वाले राहगीर आए दिन दुर्घटना ग्रस्त होते रहते हैं ।वही इन दयनीय कच्ची सड़क को बनाने यहां के ग्रामीणों ने विधायक और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से कई बार शिफारिश कर चुके है लेकिन इसके बावजूद यहां की हालत अब भी जस की तस बनी हुई है ।

कुल मिलाकर 6 हजार वाला ग्राम चना डोंगरी एक बड़ा वोट बैंक वाला गांव रह गया हैं इसमे स्थानीय राजनीति के जानकार ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव के लिए यह बड़ी समस्या तो है और अगर सड़क को पक्की बना दिया जाता हैं तो चुनाव में एक बड़ा मुद्दा खत्म हो जायेगा । देखा जा रहा है कि वर्तमान सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर में बसे एवं बीहड़ में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पानी,बिजली और पक्की सड़क उपलब्ध कराया गया है वही शहर से लगे इस गाँव के सड़क को देखने के बाद सरकार के सभी दावे खोखले नजर आने लगा है ।
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