रिपोर्टर राकेश खरे
अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (बीएमएस) के कोलउद्योग प्रभारी श्रीमान के लक्ष्मा रेड्डी ने वेतन सम्झौता ११ का निपटारा करने में कोल इंडिया प्रबंधन की अडियल, टालमटोल नीति की घोर निंदा की है।
दिनांक 01.07.2021 से देय वेतन को 12 महीने बीत चुके हैं, फिर भी बातचीत अभी भी शुरुआती चरण में ही है, जो श्रमिक उत्पादन बढ़ाने में पूरे दिल से सहयोग कर रहे है, उन लाखो कोयला श्रमिकों के वेतन समझौता में हो रहे विलंब को लेकर अशांति का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने सीआईएल प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (बीएमएस) अन्य ट्रेड यूनियनों को साथ में लेकर तीव्र आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने सभी श्रमिकों से अपील की है कि जरूरत पड़ने पर लंबे आंदोलन के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। सुधीर घुरडे (सुधीर घुरडे) महामंत्री
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