आपातकाल देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कांग्रेस द्वारा थोपा हुआ काला अध्याय

आपातकाल देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कांग्रेस द्वारा थोपा हुआ काला अध्याय

तखतपुर/बिलासपुर

26/06/2022

२६ जून २०२२ को “मन की बात” कार्यक्रम एवं मंडल कार्यसमिति बैठक श्रीमती हर्षिता पाण्डेय पूर्व राज्य महिला आयोग अध्यक्ष की विशेष उपस्तिथि में रखा गया२६ जून २०२२ को “मन की बात” कार्यक्रम एवं मंडल कार्यसमिति बैठक हर्षिता पाण्डेय की विशेष उपस्थित में विधान सभा कार्यालय तखतपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात सुनने भाजपा कार्यालय में विशेष व्यवस्था की गई थी-मन की बात सुनकर श्रीमती हर्षिता पांडेय ने कहा कि 25 जून 1975 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा आपातकाल लागू कर देश में लोकतंत्र की हत्या की गई।आपातकाल में मानवाधिकारों का हनन प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी गई थी। आपातकाल के विरोध एवं लोकतंत्र के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन हुआ।
मंडल अध्यक्ष त्रेता नाथ पांडेय ने कहा 25 जून 1975 मे लगाए गए आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को कुचलने के प्रयास किया था। आपातकाल के दिनों को याद करते हुए कहा उस दौरान सभी अधिकार छीन लिए गए थे। इन अधिकारों में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार शामिल था।

महामंत्री प्रदीप कौशिक ने कहा कि आपातकाल में नेताओं को 19 महीने जेल में रखकर यातनाएं दी गई एवं बलपूर्वक विपक्ष को समाप्त करने का कुत्सित प्रयास किया गया। आपातकाल समाप्त होने के पश्चात 1977 में आम चुनाव में देश की जनता ने ऐतिहासिक विजय मिली ।
इस अवसर पर
त्रेतानाथ पांडेय प्रदीप कौशिक अनिल ठाकुर माधो देवांगन गुलजीत खुराना नैनलाल साहू संदीप साहू तिलक देवांगन ईश्वर देवांगन काशी देवांगन कोमल ठाकुर विश्वनाथ यादव अजय यादव महेंद्र पांडेय प्रेम सिंगरौल प्रीतम कौशिक चंद्रकांत द्विवेदी लव पांडेय संतोष गौरहा सरजू यादव सनद कुमार पाल लक्ष्मीनारायण मेहर रामाधार साहू रतन लाल सिंगरौल
श्रीमती नुरिता कौशिक मालती यादव प्रतिभा देवांगन अमरीका साहू पुष्पलता रात्रे लता कश्यप श्यामा रामा नंदी हेमलता निर्मलकर उपस्थित रहे।

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