दिल्ली : – कई दिनों बैंक कर्मचारी यूनियनों ने मांग की थी कि बैंक के कर्मचारियों को टीकाकरण में प्राथमिकता दिया जाए।
कर्मचारी यूनियनों का कहना था कि कोविड-19 महामारी के सम्पूर्ण भारत मे लॉक डाउन के दौरान अनवरत बैंकिंग सेवाएं देने कारण बैंकिंग उद्योग के लगभग 600 स्टॉफ सदस्यों को कोविड -19 महामारी ने अपने आगोश में ले लिया था। इस महामारी के दौरान देश की एक सौ तीस करोड़ आबादी पर 1,53,000 अर्थात 0.01% काल कालकलवित हुए थे। जबकि 13,50,000 बैंकर्स से 600 अर्थात 0.04% कोरोना की भेंट चढ़ गए थे। लेकिन अभी तक बैंकर्स को कोरोना वॉरियर्स का दर्जा व टीकाकरण में प्राथमिकता नहीं मिलने पर बैंकर्स ने विभिन्न स्तरों पर मांग रखी थी। अंततः 7 अप्रैल 2021को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तिय सेवा विभाग ने बैंकर्स के अनवरत योगदान को स्वीकार करते हुए गृह मंत्रालय व स्वास्थ्य मंत्रालय को कोरोना टीकाकरण में समस्त बैंकर्स को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी करने को कहा है। जिससे कोरोना के दूसरे चरण के दौरान बैंकर्स व उनके परिजनों का मनोबल ऊंचा रहेगा।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण व दुर्ग, बेमेतरा, रायपुर व राजनांदगांव में लॉक डाउन के दौरान बैंकों को भी बंद रखने से यह तो स्पष्ट होता हैं कि कोरोना का दूसरा संक्रमण पहले से ज्यादा खतरनाक हैं। अतः आम जनता से अपील की जाती हैं कि जिला प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करते हुए मास्क पहने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अवश्य करते हुए डिजिटल बैंकिंग को अपनाए। यथासंभव बैंक व बाजार जाने से बचे।

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