शहर सहित जिले के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मार्शल आर्ट खिलाड़ियों की उपेक्षा..

बिलासपुर 04/03/2022(राकेश खरे)

जिले की स्कूली छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है. इसके लिए विभाग द्वारा शहर सहित जिले के खिलाड़ियों की उपेक्षा करते हुए हरियाणा राज्य के पंचकुला के एक संस्था को जिम्मेदारी दी गई है, जिसको लेकर खिलाड़ियों में आक्रोश है. प्रशिक्षण के एवज में संस्था को प्रत्येक शाला के मान से 5 हजार रुपए का भुगतान किया जाना है. जिले के करीब 12 सौ स्कूलों के छात्राओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है.

जिले के करीब 12 सौ स्कूलों की छात्राओं को समग्र शिक्षा के वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट के तहत रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है. इसके लिए सभी स्कूलों को 5 हजार रुपए का फंड उपलब्ध कराया गया है. वहीं प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर होना है,

निःशुल्क प्रदान करते हैं प्रशिक्षण

जिले के दर्जन भर मार्शल आर्ट के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कई बड़े मंच पर कर चुके हैं और विजेता व उप विजेता का खिताब अपने नाम किए हैं. सभी खिलाड़ी और उनके प्रशिक्षक जिला व प्रदेश स्तर पर संचालित खेल संस्थानों से जुड़े हैं, जिनको राज्य शासन से मान्यता प्राप्त है, लेकिन इन खिलाड़ियों और संस्थानों की उपेक्षा को लेकर खिलाड़ियों में नाराजगी देखी जा रही है. जिले के मार्शल आर्ट संस्था द्वारा तो करीब 7-8 वर्षों से स्कूलों व सार्वजनिक जगहों पर छात्राओं को आत्मरक्षा का गुर सिखाने निःशुल्क कैम्प का आयोजन किया जा रहा है.

पंचकुला के शस्त्रांग इंडियन मॉडर्नमार्शल आर्टनामक संस्था को जिम्मेदारी दी गई है. राज्य दिवसीय प्रशिक्षण 25 मार्च तक व्याप्त है. इसके तहत हर हाल में पूरा किया जाना में आवश्यक है. प्रशिक्षण उपरांत संस्था द्वारा सभी बालिकाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा. प्रशिक्षण में महिला प्रशिक्षक अनिवार्य किया गया है, लेकिन उपलब्ध नहीं होने पर शाला के महिला शिक्षक की उपस्थिति में पुरुष प्रशिक्षण • प्रदान कर सकता है. एक स्कूल में कम से कम 5 बालिकाओं को प्रशिक्षण प्रदान करना आवश्यक होगा. साथ ही संबंधित संस्थान प्रशिक्षक व छात्राओं की आनलाइन उपस्थिति लेगा. इस योजना का सबसे विवादास्पद पहलू यह है कि जिला मुख्यालय जांजगीर सहित जिले में कई खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन इन खिलाड़ियो, उनके प्रशिक्षकों व जिला तथा राज्य स्तर पर संचालित संस्थानों स्तर से जारी आदेश में बताया गया की इनका नजर अंदाज किया गया है इस नाम से सभी स्कूलों में जिससे खिलाड़ियों में आक्रोश का माहौल है।

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