बिलासपुर 08/12/021
पूत के पांव पालने में ही नजर आ जाते हैं और इस लोकोक्ति को यथार्थ मे भी देखा बिलासपुर के लोगो ने जादूगर सिकन्दर के मंच पर। महज 8 साल की उम्र में ही पचासों तरह के हैरतंगेज जादुई करतब पूरी उत्कृष्टता और कुशलता से दिखाने वाला वितेश अभी कक्षा 3 का छात्र है।

सुपर स्टार जादूगर सिकंदर के मंच पर खाली हाथ छतरिया उत्पन्न करने जैसे जैसे बड़े बड़े करतब जब इस नन्हे जादूगर ने दिखाए तो लोगो के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। दरअसल जादू वितेश के खून में ही समाया हुआ है। होश संभालते ही अपने पिता सजल अग्रवाल जो दिल्ली रहते, उनको जादू के करतब दिखाते हुए देखा और नन्हा वितेश कब जादूगर बन गया घरवालों को भी पता नहीं चला। स्कूल के कार्यक्रमों में बाल प्रतिभा को जब मान सम्मान और प्रोत्साहन मिलने लगा तो पिता ने भी नए नए करतब के अभ्यास करवाना शुरू कर दिया और उसी का परिणाम है कि अब बिलासपुर में भी दो जादूगर हो गए हैं,एक सबसे बुजुर्ग जादूगर आर पी अग्रवाल और एक राज्य का सबसे नन्हा जादूगर वितेश अग्रवाल। दोनो ही कलाकार ने जादूगर सिकंदर के भव्य मंच पर अपने कार्यक्रम देकर दर्शकों से खूब तालियां बटोरी और वाहवाही लूटी।भले सिकंदर अपने शो के साथ इलाहाबाद में प्रदर्शन के लिए जा रहे,पर उनके मंच पर जादुई जलवा विखेड़ने वाले ये दोनो फनकार विलासपुर के लोगो को सामायिक कार्यक्रमों में दिखते रहेंगे। जादूगर सिकंदर ने बताया कि वितेश जैसे प्रतिभावान बच्चे ही भारतीय जादूगरी के भविष्य हैं।
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