जांजगीर/लोहर्सी/पामगढ़
(गौरव तिवारी)भूपेश सरकार की महत्वाकांक्षी नरवा, गरवा, घुरूवा, बारी योजना के तहत गायों के संरक्षण के लिए गांवों में गौठान का निर्माण किया गया है। लेकिन यह योजना पूरी तरह से निष्क्रिय होती हुई नजर आ रही है। अव्यवस्था के कारण गांवों के गौठानों में आय दिन गायों की मौत हो रही है।
ग्राम पंचायत लोहर्सी के गौठान की स्थिति बेहद ख़राब दिखाई दे रही है, सड़ी हुई पैरा खाने के लिए गाएं मजबूर हैं, यहां गायों का जीना बेहद ही मुश्किल हो गया है, भुखे गायों को चारा-पानी मुहैया कराने व उनी देखभाल करने के लिए गौठान समिति या ग्राम पंचायत का कोई भी कर्मचारी नज़र नहीं आ रहा।
इकट्ठा किया गया पैरा भी जमीन पर खुले में सड़ता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसके आसपास काफी ज्यादा किचड़ भरा हुआ है। एक गाय तो वहीं पर दम तोड़ती हुई भी नज़र आ रही थी।गायों को चारा-पानी की उपलब्धता न होने के कारण वें कमज़ोर हो रही हैं, एैसे में गायों का जिंदा बच पाना बहुत ही मुश्किल हो गया है।
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