CG News: धर्मांतरण के खिलाफ लामबंद हुए 18 गांवों के ग्रामीण, कलेक्ट्रेट पहुंचकर की निष्पक्ष जांच की मांग

CG News: धर्मांतरण के खिलाफ लामबंद हुए 18 गांवों के ग्रामीण, कलेक्ट्रेट पहुंचकर की निष्पक्ष जांच की मांग

कवर्धा। कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के कुई-कुकदूर वनांचल क्षेत्र में कथित धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर विवाद अब प्रशासनिक स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार को क्षेत्र के 18 गांवों के ग्रामीण एकजुट होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने क्षेत्र में मतांतरण से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की है।

तीन महीने तक गांवों में चला संवाद, अब प्रशासन से कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले तीन महीनों से अलग-अलग गांवों में बैठकें और सामाजिक स्तर पर संवाद किया जा रहा था। इस दौरान परिवारों से बातचीत कर कथित मतांतरण गतिविधियों को लेकर जागरूकता फैलाने की कोशिश की गई। अब 18 गांवों के लोगों ने सामूहिक रूप से प्रशासन के सामने अपनी शिकायतें रखी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वनांचल क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर और अशिक्षित परिवारों को कथित तौर पर प्रलोभन देकर उनके मूल धर्म और पारंपरिक मान्यताओं से दूर किया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में बाहरी मिशनरियों और कुछ स्थानीय लोगों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।

40 से अधिक चर्च और प्रार्थना स्थलों की वैधानिकता जांचने की मांग

ज्ञापन में सर्वसमाज ने दावा किया है कि कुई-कुकदूर क्षेत्र में 40 से अधिक स्थानों पर चर्च और प्रार्थना सभाएं संचालित हो रही हैं। इनमें कुछ स्थलों के सरकारी जमीन पर बने होने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन स्थानों की जमीन, निर्माण और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। उनका सवाल है कि यदि सरकारी भूमि पर निर्माण हुआ है, तो इसके लिए अनुमति किस स्तर पर दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में पहले भी अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया को आवेदन सौंपा जा चुका है।

सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग

ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में कुछ शासकीय और गैर-शासकीय कर्मचारियों की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका, मितानिन, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तथा कोटवार सहित अन्य लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है। आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग मतांतरण की गतिविधियों में शामिल हैं और दूसरे परिवारों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

तीन साल में 700 से अधिक लोगों की घर वापसी का दावा

पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में मतांतरण और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण को लेकर पिछले कुछ वर्षों से सामाजिक गतिविधियां जारी हैं। विधायक भावना बोहरा की ओर से पिछले तीन साल में जागरूकता अभियान और संवाद के जरिए 700 से अधिक लोगों की घर वापसी कराए जाने की जानकारी दी गई है। इसी पृष्ठभूमि में 18 गांवों के ग्रामीणों का एक साथ जिला मुख्यालय पहुंचना क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चल रही सामाजिक हलचल को दर्शाता है।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष इतवारी बैगा, प्रदेश सलाहकार गौठूराम बैगा, अमरसिंह बैगा, भगऊराम धुर्वे, परसराम यादव, सुरेश मरावी, तिहारसिंह श्याम, विश्वनाथ धुर्वे, जुगारा बैगा, कामदार बैगा, जुगरा बैगा, अघनू बैगा और बडू बैगा सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

फिलहाल ग्रामीणों की शिकायतों और आरोपों पर प्रशासन की ओर से जांच या कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर हैं। जांच के बाद ही चर्च और प्रार्थना स्थलों से जुड़े आरोपों तथा कथित मतांतरण गतिविधियों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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