विशाखापत्तनम। त्योहारी सीजन के बीच बंगाल की खाड़ी से एक बड़ी और डरावनी खबर सामने आ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में इस सीजन का पहला चक्रवाती तूफान तेजी से आकार ले रहा है, जिसे ‘अर्नब’ नाम दिया जाएगा।
यह खतरनाक तूफान अगले चार दिनों के भीतर यानी 28 अक्टूबर के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों से टकरा सकता है। इस दौरान तटीय इलाकों में 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और भारी से बेहद भारी बारिश का अनुमान है।
इस तरह चक्रवात में बदलेगा सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना था। अंडमान द्वीप समूह के पास बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है।
24 अक्टूबर: कम दबाव का क्षेत्र गहरे दबाव में तब्दील हो सकता है।
25 अक्टूबर: इसके और अधिक मजबूत होकर गहरे अवदाब का रूप लेने की संभावना है।
26 अक्टूबर: पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में इसके चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है।
28 अक्टूबर के आसपास: यह तूफान उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर पहुंचेगा।
140 किमी/घंटे की रफ्तार पकड़ेगा तूफान
IMD के मुताबिक, 26 अक्टूबर की सुबह से ही प्रभावित इलाकों में हवा की गति 70 से 80 किमी/घंटा (झोंके के साथ 90 किमी/घंटा) तक पहुंच जाएगी। हालांकि, जब यह तूफान उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचेगा, तो इसकी ताकत और बढ़ जाएगी। इस दौरान हवा की रफ्तार 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका जताई गई है, जो भारी तबाही मचा सकती है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट
इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और पड़ोसी राज्य ओडिशा के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
बेहद भारी बारिश: विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली, काकीनाडा और कोनसीमा में 27-28 अक्टूबर को भयंकर बारिश की आशंका है।
भारी से बहुत भारी बारिश: श्रीकाकुलम, विजयनगरम, एलुरु और कृष्णा जिलों में भी इसका असर दिखेगा।
अन्य प्रभावित क्षेत्र: परवतीपुरम मन्यम, अल्लूरी सीताराम राजू, पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है।
समुद्र में उठेगी ऊंची लहरें, मछुआरों के लिए चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। समुद्र पहले से ही अशांत है और आने वाले दिनों में यह और खतरनाक हो सकता है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को पूरी तरह से समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।
क्या है ‘अर्नब’ नाम का मतलब?
यदि यह सिस्टम चक्रवाती तूफान का रूप ले लेता है, तो इसका नाम ‘अर्नब’ होगा, जिसे बांग्लादेश द्वारा सुझाया गया है। बंगाली भाषा में ‘अर्नब’ का मतलब ‘महासागर’ होता है। अक्टूबर के महीने में आंध्र प्रदेश के तटों पर पहले भी ‘हुदहुद’ (2014) और ‘तितली’ (2018) जैसे विनाशकारी चक्रवात आ चुके हैं, जिसके चलते इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
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