सात समंदर पार से आया दूल्हा:  जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ के सुदूर गांव की रहने वाली की बेटी क्रिस्टीना ने नीदरलैंड के शिप कैप्टन से रचाई अनोखी शादी

सात समंदर पार से आया दूल्हा:  जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ के सुदूर गांव की रहने वाली की बेटी क्रिस्टीना ने नीदरलैंड के शिप कैप्टन से रचाई अनोखी शादी

सात समंदर पार से आया दूल्हा:  जांजगीर-चांपा जांजगीर-चांपा जिले के सुदूर गांव की रहने वाली की बेटी क्रिस्टीना ने नीदरलैंड के शिप कैप्टन से रचाई अनोखी शादी

जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)। छोटी-सी गांव की बेटी ने सात समंदर पार प्यार खोज लिया। पामगढ़ विकासखंड के भुईगांव गांव की 25 वर्षीय क्रिस्टीना नथेनियल ने नीदरलैंड के 32 वर्षीय युवक क्रिस्टीयान एन्ड्रीयश वरबूम (Christiaan Andries Verboom) से प्रेम विवाह कर लिया है। दोनों ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को जांजगीर-चांपा जिला कलेक्ट्रेट में विवाह अधिकारी के समक्ष कानूनी प्रक्रिया पूरी की और विवाह प्रमाण-पत्र हासिल किया।

https://www.instagram.com/reel/DemRy4fMzn3/?cplk=NjY5OXB3bnA4ZGU2

क्रिस्टीना नथेनियल भुईगांव के वार्ड क्रमांक 07, नालापारा की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम हनोक नथेनियल और माता का नाम सोनिया नथेनियल है। वहीं दूल्हा क्रिस्टीयान एन्ड्रीयश वरबूम नीदरलैंड के निवासी हैं। उनके पिता का नाम विलेम डीर्क वरबूम है। क्रिस्टीयान पेशे से शिप कैप्टन हैं और संगीत में भी गहरी रुचि रखते हैं।

दोनों की मुलाकात साल 2024 में हुई थी। क्रिस्टीना संगीत सीखने नीदरलैंड गई थीं। वहां संगीत की साझा रुचि ने दोनों को करीब ला दिया। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया। क्रिस्टीयान चाहते थे कि उनकी जीवनसाथी भारतीय हों और शादी भारत में ही हो। इसी इच्छा को पूरा करते हुए वे छत्तीसगढ़ पहुंचे।

16 अक्टूबर को दोनों अपर कलेक्टर एवं विवाह अधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता के समक्ष उपस्थित हुए। तीन गवाहों की मौजूदगी में धारा-5 के तहत घोषणा की गई। इसके बाद विवाह को वैध घोषित करते हुए प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया। इस मौके पर क्रिस्टीना के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।

कलेक्ट्रेट में गारलैंड पहने दोनों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग इस अनोखी लव स्टोरी की तारीफ कर रहे हैं कि कैसे एक छोटे से गांव की लड़की ने दुनिया के दूसरे कोने से अपने जीवनसाथी को चुना।

यह शादी न सिर्फ जांजगीर-चांपा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय बनी हुई है। सात समंदर पार से आए दूल्हे और भुईगांव की बेटी की यह प्रेम कहानी साबित करती है कि प्यार किसी सीमा को नहीं मानता।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *