मां की सेहत के लिए 8,000 किमी दौड़ा बिहार का बेटा, 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का लिया संकल्प; मोनू की भक्ति ने जीता लोगों का दिल video

मां की सेहत के लिए 8,000 किमी दौड़ा बिहार का बेटा, 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का लिया संकल्प; मोनू की भक्ति ने जीता लोगों का दिल video

मां की सेहत के लिए 8,000 किमी दौड़ा बिहार का बेटा, 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का लिया संकल्प; मोनू की भक्ति ने जीता लोगों का दिल

बिहार के मोनू बेतोरा की अनोखी धार्मिक यात्रा चर्चा में, मां के अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ दौड़कर तीर्थयात्रा पूरी करने का लक्ष्य

पटना/नासिक। मां के प्रति प्रेम, अटूट आस्था और दृढ़ संकल्प की एक प्रेरक कहानी इन दिनों चर्चा में है। बिहार के 22 वर्षीय युवक मोनू बेतोरा ने अपनी मां के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना के साथ देश के 12 ज्योतिर्लिंगों और चार धामों की यात्रा दौड़कर पूरी करने का संकल्प लिया है। इस अनोखी यात्रा के दौरान वह हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर चुका है।

 

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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मोनू की यात्रा ने महाराष्ट्र में भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। 14 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया कि वह 8,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका था और पांच ज्योतिर्लिंगों के दर्शन पूरे कर चुका था। इस दौरान वह नासिक के त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग पहुंचा, जहां उसका स्वागत भी किया गया।

मां के लिए लिया संकल्प, दौड़कर निकला तीर्थयात्रा पर

रिपोर्टों के अनुसार, मोनू ने अपनी मां के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए भगवान शिव के प्रति यह संकल्प लिया कि वह देश के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन दौड़कर करेगा। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए उसने लंबी यात्रा शुरू की। उसकी इस यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ शारीरिक सहनशक्ति, अनुशासन और निरंतर प्रयास की भी बड़ी भूमिका है।

हजारों किलोमीटर का सफर, युवाओं को दिया संदेश

मोनू की यात्रा केवल मंदिरों तक पहुंचने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण की कहानी भी है। महाराष्ट्र में अपने प्रवास के दौरान उसने विद्यार्थियों से भी संवाद किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उसने युवाओं को संदेश दिया कि लक्ष्य बड़ा हो तो रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद मेहनत और निरंतरता नहीं छोड़नी चाहिए।

आस्था और मातृभक्ति की प्रेरक कहानी

भारत में माता-पिता के प्रति सम्मान और धार्मिक संकल्पों की समृद्ध परंपरा रही है। मोनू की यात्रा इसी भावना का एक उदाहरण बनकर सामने आई है। उसकी कहानी यह दिखाती है कि किसी प्रियजन के लिए की गई प्रार्थना व्यक्ति को कठिन लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे सकती है।

नोट: 14 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में दी गई दूरी और दर्शन की संख्या उस तारीख तक की स्थिति है। यात्रा पूरी होने या सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन संपन्न होने की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती।

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