कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कोनकोना गांव स्थित बंद पत्थर खदान में बालको ताप विद्युत संयंत्रों की फ्लाई ऐश (राख) डंपिंग को लेकर विवाद गहरा गया है। पाली-तानाखार के विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, कोरबा को पत्र लिखकर राख की डंपिंग तत्काल बंद कराने और 20 मार्च 2026 को दी गई अनुमति निरस्त करने की मांग की है।
तान नदी से दूरी को लेकर उठाए सवाल
विधायक ने अपने पत्र में दावा किया है कि कोनकोना की बंद खदान के गड्ढे हसदेव नदी की सहायक तान नदी से लगभग 150 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। उन्होंने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के 28 अगस्त 2019 के कार्यालय ज्ञापन का हवाला देते हुए कहा कि बंद खदानों में फ्लाई ऐश के निपटान के दौरान जल स्रोतों से कम से कम 500 मीटर की सुरक्षित दूरी संबंधी प्रावधान का पालन किया जाना चाहिए।
मरकाम ने इस आधार पर नई अनुमति की वैधता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संबंधित विभाग से नदी और खदान के बीच वास्तविक दूरी की संयुक्त जांच कराने की मांग की है।
पहले अनुमति निरस्त होने के बाद दोबारा मंजूरी पर आपत्ति
विधायक के मुताबिक, कोनकोना की बंद खदान में फ्लाई ऐश डालने के लिए वर्ष 2025 में अनुमति दी गई थी, जिसे बाद में अभ्यावेदनों के बाद निरस्त कर दिया गया। इसके बावजूद 20 मार्च 2026 को उसी खदान में राख डालने के लिए दोबारा अनुमति दिए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब खदान और नदी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ, तो नई अनुमति किन आधारों पर जारी की गई। मरकाम ने अनुमति से संबंधित आवेदन, निरीक्षण रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
जलाशय और भूजल प्रदूषण की जताई आशंका
पत्र में विधायक ने कहा है कि खदान में खनन के बाद बने गड्ढों में लंबे समय से पानी भरा हुआ है। उनके अनुसार, स्वीकृत खनन योजना और पर्यावरणीय प्रबंधन योजना में इन गड्ढों को जलाशय के रूप में विकसित करने का प्रावधान बताया गया है, न कि उन्हें राख से भरने का।
उन्होंने आशंका जताई कि फ्लाई ऐश से निकलने वाले हानिकारक तत्व रिसाव के जरिए भूजल और नदी के पानी को प्रभावित कर सकते हैं। इसका असर स्थानीय लोगों, कृषि और जैव विविधता पर पड़ सकता है। हालांकि, इन आशंकाओं की पुष्टि के लिए जल, मिट्टी और नदी के नमूनों की वैज्ञानिक जांच जरूरी होगी।
विधायक ने रखीं ये प्रमुख मांगें
तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने पर्यावरण संरक्षण मंडल से मांग की है कि कोनकोना की बंद खदान में फ्लाई ऐश की डंपिंग तत्काल रोकी जाए और 20 मार्च 2026 की अनुमति सहित इस संबंध में जारी अन्य अनुमतियां निरस्त की जाएं।
उन्होंने जलाशय का पानी निकालने से संबंधित किसी भी कार्रवाई को रोकने, अब तक डाली गई राख को हटाने, स्थल को पूर्व स्थिति में बहाल करने और जल-मिट्टी के नमूनों की जांच कराने की मांग भी की है। इसके अलावा, राजस्व, वन, खनिज विभाग और पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों से संयुक्त निरीक्षण कराकर नदी की दूरी तथा पूर्व की रिपोर्टों में कथित विसंगतियों की जांच कराने की अपील की है।
15 दिन में कार्रवाई की जानकारी देने की मांग
विधायक ने संबंधित अधिकारी से सभी बिंदुओं पर की गई कार्रवाई की जानकारी 15 दिनों के भीतर लिखित रूप में देने का आग्रह किया है। पत्र में उन्होंने कहा है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में इस मुद्दे को विधानसभा सहित अन्य उपयुक्त मंचों पर उठाया जाएगा।
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