रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा असुरक्षित वातावरण से संबंधित किसी भी शिकायत को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आवासीय विद्यालय और छात्रावास बच्चों के लिए केवल अध्ययन के स्थान नहीं, बल्कि उनके घर की तरह हैं। माता-पिता अपने बच्चों को विश्वास के साथ इन संस्थानों में भेजते हैं। इस विश्वास की रक्षा करना शासन-प्रशासन और संस्थान से जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित, भयमुक्त और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना हर परिस्थिति में सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार संबंधी समाचार पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर बिना किसी विलंब के विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। यदि किसी स्तर पर शिकायत की अनदेखी, उसे दबाने का प्रयास अथवा कर्तव्य में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय की जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस प्रकरण के संदर्भ में सभी जिलों को व्यापक सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में संचालित बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी निर्धारित व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो रहा है। छात्रावासों में अधीक्षकों एवं अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा बच्चों की शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बच्चों से जुड़ी शिकायतों के मामले में केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक व्यवस्था सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमित निरीक्षण, सतत संवाद और प्रभावी निगरानी के माध्यम से ऐसी परिस्थितियों को पहले ही पहचानने और रोकने की व्यवस्था विकसित की जाए। विद्यालय एवं छात्रावास प्रबंधन को भी यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की उदासीनता गंभीरता से ली जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा उन्हें डराने-धमकाने जैसी किसी भी शिकायत की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें। आवश्यक होने पर पीडि़त छात्राओं को काउंसलिंग एवं अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां निर्भय होकर पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें, इसके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। प्रदेश के प्रत्येक आवासीय विद्यालय और छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वाेपरि है। इस दिशा में लापरवाही बरतने वाले किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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