सूरजपुर
सूरजपुर जिले में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, आंगनबाड़ी केंद्रों की जमीनी व्यवस्थाओं और कुपोषण मुक्ति अभियान की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी गई कि वे केवल कार्यालयीन कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से मैदानी स्तर पर जाकर आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जमीनी स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग और सतत फॉलोअप के जरिए ही जिले में कुपोषण की दर में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।
पोषण स्तर में सुधार के लिए विशेष पहल
बैठक में बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के पोषण स्तर को सुधारने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए:
मुनगा (सहजन) का पौधा अनिवार्य: प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र की ‘पोषण वाटिका’ में मुनगा का पौधा लगाना अनिवार्य किया गया है।
स्थानीय पोषाहार को बढ़ावा: कुपोषण से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों के उपयोग और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
”बच्चों का बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उच्च अधिकारी रहे उपस्थित
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिले की कलेक्टर श्रीमती रेना जमील, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र पाटले सहित महिला एवं बाल विकास विभाग व समाज कल्याण विभाग के तमाम जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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