देश में प्लास्टिक नोटों के लिए रास्ता साफ, RBI ने जारी किया वैश्विक EOI

देश में प्लास्टिक नोटों के लिए रास्ता साफ, RBI ने जारी किया वैश्विक EOI

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंकनोटों की शुरुआत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रिजर्व बैंक की करेंसी प्रिंटिंग शाखा ने पॉलीमर बैंकनोटों के लिए आवश्यक ओपेसिफाइड पॉलीमर सब्सट्रेट (Opacified Polymer Substrate) की आपूर्ति हेतु वैश्विक स्तर पर एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किया है। इसे पॉलीमर नोटों के पायलट प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार पायलट परियोजना की शुरुआत ₹10 और ₹20 के नोटों से की जाएगी। इन नोटों का परीक्षण विभिन्न भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों में किया जाएगा, ताकि उनकी टिकाऊ क्षमता और उपयोगिता का आकलन किया जा सके।
पॉलीमर बैंकनोट पारंपरिक कागज के नोटों की तुलना में अधिक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं। ये नमी, गंदगी और सामान्य टूट-फूट से कम प्रभावित होते हैं। साथ ही इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर्स, जैसे क्लियर विंडो और अन्य विशेष सुरक्षा तत्व शामिल किए जा सकते हैं, जिससे इनकी जालसाजी करना काफी कठिन हो जाता है।
सूत्रों के अनुसार यदि पायलट परियोजना सफल रहती है, तो वर्ष 2027 से पॉलीमर नोटों का बड़े स्तर पर प्रचलन शुरू किया जा सकता है। हालांकि, RBI की योजना मौजूदा कागज के नोटों को तत्काल बंद करने की नहीं है। दोनों प्रकार के नोट कुछ समय तक समानांतर रूप से चल सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पॉलीमर नोटों के उपयोग से नोटों की छपाई और बार-बार बदलने की लागत में कमी आएगी। इसके अलावा नकली नोटों पर भी प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन, न्यूज़ीलैंड और कई अन्य देश पहले से ही पॉलीमर बैंकनोटों का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
RBI ने पॉलीमर नोटों के लिए वैश्विक EOI जारी किया।
पायलट परियोजना ₹10 और ₹20 के नोटों से शुरू होगी।
पॉलीमर नोट अधिक टिकाऊ और सुरक्षित होंगे।
सफल परीक्षण के बाद 2027 से बड़े स्तर पर जारी किए जा सकते हैं।
मौजूदा कागज के नोट तत्काल बंद नहीं किए जाएंगे।

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