
: – पंचांग के अनुसार 10 जून 2021 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. जून का महीना ग्रहों के राशि परिवर्तन और सूर्य ग्रहण की घटना के कारण विशेष है. जून में मंगल, शुक्र और सूर्य ग्रह का राशि परितर्वन हो रहा हैं. वहीं शनि के बाद बुध और गुरु वक्री हो रहे हैं. 10 जून को लगने वाले सूर्य ग्रहण को रिंग ऑफ फायर भी कहा जा रहा है. जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है तो ये अद्भूत नजारा देखने को मिलता है. इस ग्रहण को कंकण रूप यानी खंडग्रास भी कहा जाता है.

3 ग्रहों का राशि परिवर्तन और 2 ग्रह होंगे वक्री
जून के महीने में मंगल ग्रह, सूर्य और शुक्र ग्रह का राशि परिवर्तन होने जा रहा है. इसके साथ ही बुध और गुरु वक्री हो रहे हैं. वक्री अवस्था में ग्रहों का प्रभाव कम हो जाता है. शनि पहले से ही मकर राशि में वक्री हैं. ऐसे में शनि की भी जोड़ लिया जाए तो, जून माह में तीन ग्रह वक्री होने जा रहे हैं.

सूर्य ग्रहण कब लगेगा?
सूर्य ग्रहण 10 जून, गुरुवार को ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या की तिथि को लग रहा है. इस दिन शनि जयंती भी है. साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर 2021 को लगेगा. साल का पहला सूर्य ग्रहण वृषभ राशि में लग रहा है. इसलिए वृषभ राशि वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. सूर्य ग्रहण भारत सहित कई अन्य देशो में दिखाई देगा. भारत में इस ग्रहण को आंशिक बताया जा रहा है. कनाडा, रूस, ग्रीनलैंड, यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में सूर्य ग्रहण को देखा जा सकेगा.
सूर्य ग्रहण का समय

10 जून, गुरुवार को सूर्य ग्रहण दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शाम के 6 बजकर 41 मिनट तक रहेगा.
आंशिक सूर्य ग्रहण के कारण नहीं लगेगा सूतक
साल का प्रथम सूर्य ग्रहण आंशिक होने के कारण सूतक के नियम लागू नहीं होंगे. सूतक काल में शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं. जब पूर्ण सूर्य ग्रहण होता है तो ग्रहण आरंभ होने से 12 घंटे पूर्व सूतक काल आरंभ हो जाता है. आंशिक होने के कारण मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं होंगे.
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